लंबे समय से अटके टीसीपी संशोधन विधेयक पर राजभवन ने अब हिमाचल सरकार को पत्र लिखकर पूछा है कि वह अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अफसरों पर क्या कार्रवाई कर रही है। राजभवन की ओर से यह सवाल ऐसे समय पर पूछा गया है जब सत्ता पक्ष और विपक्ष से लेकर कई संगठन राजभवन से अवैध भवनों को नियमित करने के इस बिल को मंजूरी देने की गुहार लगा चुके हैं।
हिमाचल में 30 हजार से ज्यादा अवैध भवनों को वैध करने के लिए प्रदेश सरकार मानसून सत्र में टीसीपी संशोधन बिल लेकर आई थी। विधानसभा से पास होने के बाद यह बिल मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया था। लेकिन तब से इस पर राजभवन कोई फैसला नहीं ले सका है। दरअसल, बिल आने के बाद हाईकोर्ट ने इस पर तीखे सवाल उठाए थे।
वैध तरीके से मकान बनाने वालों ने भी सरकार के इस बिल का विरोध किया था। राजभवन इसके कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहा है। हाल ही में शहरी विकास मंत्री ने राजभवन को पत्र लिखकर बिल को मंजूरी देने, आपत्ति लगाने या रिजेक्ट करने का आग्रह किया था।
इसके बाद अब राजभवन की ओर से सरकार को पत्र सरकार ने अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई के बारे पूछा गया है। हालांकि, इस मामले में राजभवन की ओर से पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने राजभवन की ओर से कुछ बिंदुओं पर आपत्तियां आने की पुष्टि की है।