मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और परिवहन मंत्री जीएस बाली
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धर्मशाला में राज्य सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित की गई कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रैली में मंच पर स्थान नहीं मिलने पर परिवहन मंत्री जीएस बाली का गुस्सा अभी तक शांत नहीं हुआ है। सूत्रों की की मानें तो जीएस बाली ने राज्य सचिवालय में हुई कौशल विकास निगम के निदेशक मंडल की बैठक के दौरान सीएम के समक्ष अपनी नाराजगी दोबारा जताई।
राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई कौशल विकास निगम की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया था। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि इस बैठक से पहले जब जीएस बाली मुख्यमंत्री कार्यालय में आए तभी से कुछ नाराज दिख रहे थे। इससे ठीक पहले स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने भी सीएम वीरभद्र सिंह से भेंट की।
हालांकि, कौल सिंह कौशल विकास निगम की बैठक शुरू होने से पहले उठकर चले गए थे। इस बैठक में उद्योग एवं श्रम मंत्री मुकेश अग्निहोत्री मौजूद थे। शनिवार सुबह ही जीएस बाली के कार्यालय मेें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी उनसे मिलने गए थे। दिन को इन दोनों नेताओं में भी इस मसले पर चर्चा होती रही।
इसके बाद जीएस बाली ने प्रेस वार्ता की। हालांकि, इसमें इस मामले पर खुलकर कुछ नहीं कहा था। उन्होंने यही कहा था कि वे सीएम से बात करेंगे। सूत्रों की मानें तो शनिवार शाम को जीएस बाली कौशल विकास निगम की बैठक में काफी रोष में थे और अपनी शिकायत दोहराए जा रहे थे। ये मालूम रहे कि जीएस बाली ने 24 दिसंबर को हुई इस रैली के दौरान कहा था कि धर्मशाला में मंच पर आने देने से उन्हें एसपीजी ने रोक दिया था, क्योंकि लिस्ट में उनका नाम नहीं था।
बाली ने रैली के बाद राहुल गांधी को विदा करने के दौरान भी सीएम से शिकायत की थी। वहीं, दूसरी ओर शनिवार देर शाम को जीएस बाली के सीएम वीरभद्र सिंह के समक्ष नाराजगी जाहिर करने के मामले में पूछा गया तो बाली ने इसे टाल दिया। उन्होंने कहा कि क्या हुआ, वे इस पर कुछ भी नहीं कहेंगे।