फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिनट टू मिनट प्रोग्राम में बदलाव पर कार्रवाई कर सकता है राजभवन

Mon, 02 Dec 2019 11:14 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हिमाचल विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षण संस्थान के दीक्षांत समारोह में स्टेज पर भाजपा के संगठन मंत्री को सम्मानित करने के मामले में राजभवन सख्त रुख अपना सकता है। मिनट टू मिनट प्रोग्राम में बदलाव की जानकारी सामने आने के बाद राजभवन ने अपने स्तर पर छानबीन शुरू कर दी है।

विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार राजभवन सचिवालय देख रहा है कि दीक्षांत समारोह के जिस स्क्रॉल (मिनट टू मिनट प्रोग्राम) को मंजूरी दी गई थी, उसमें कार्यक्रम के दौरान विवि प्रशासन की ओर से बदलाव कर पवन राणा का नाम कैसे जोड़ा गया? राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय अभी हैदराबाद गए हैं। माना जा रहा है कि सोमवार को राज्यपाल के लौटने के बाद राजभवन उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाएगा। इसके बाद राज्यपाल कार्रवाई पर फैसला ले सकते हैं। 

कुलाधिपति की संस्तुति से तैयार किए गए दीक्षांत समारोह के स्क्रॉल में बदलाव कर भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया था। इसके बाद विवि प्रबंधन की कार्यप्रणाली सवालों केे घेरे में है। दीक्षांत समारोह जैसे गरिमापूर्ण कार्यक्रम का सबसे पहले स्क्रॉल तैयार होता है। इसमें कुलाधिपति राज्यपाल की संस्तुति ली जाती है।
विज्ञापन


समारोह के शैक्षणिक सत्र शुरू होने से लेकर समारोह की पूरी प्रक्रिया लिखित में बनाई जाती है। इसके मुताबिक ही समारोह आगे बढ़ता है। एचपीयू के दीक्षांत समारोह के लिए जो कनवोकेशन स्क्रॉल तैयार किया गया था, उसमें भाजपा के संगठन मंत्री को कुलपति के हाथों सम्मानित कराना शामिल नहीं था। शिक्षा मंत्री को स्मृति चिह्न देने के बाद समारोह के स्क्रॉल में कुलपति के 20 नंबर पर स्वागत भाषण प्रस्तुत करने से पहले भाजपा संगठन मंत्री पवन राणा को स्टेज पर बुलाकर स्मृति चिह्न देकर सम्मानित कर दिया गया।

नियुक्ति से ही विवादों में रहे हैं कुलपति
विवि के कुलपति का पदभार संभालने से पहले प्रोफेसर रहने के साथ ही पूर्व में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रहे थे। पहली बार कैंपस पहुंचने पर जय श्रीराम के नारों से अभिनंदन किए जाने के बाद से कुलपति विवादों में घिर गए थे। उनके पद संभालने के बाद पहली बार विवि छात्रावास के बाहर से पोटरहिल की ओर आरएसएस की कदमताल और छात्रों और स्वयंसेवकों के बीच भीड़ बढ़ने पर विवाद हुआ था।

इसके अलावा विवि का मूल काम परीक्षाओं का सही समय पर संचालन करना और परिणाम समय से निकालने का है। लेकिन हर परीक्षा या परिणाम में कमियां सामने आ रही है जिसका खामियाजा हजारों विद्यार्थियों का भुगतना पड़ रहा है

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें