शनिवार की रात को हुई बारिश से कालका-शिमला रेलवे ट्रैक को भारी नुकसान पहुंचा है। कोटी और गुम्मन रेलवे स्टेशन के आसपास ट्रैक पर दो स्थानों पर मलबा आने और ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह जाने से रेल ट्रैक हवा में लटक गया है। इस रेल मार्ग पर चलने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। अब जब तक ट्रैक दुरुस्त नहीं होगा, तब तक ट्रेनों की आवाजाही बंद रहेगी। रविवार को भी शिमला, बिलासपुर, परवाणू और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। शिमला के खलीनी में दो कारों पर पेड़ गिरे हैं।
सोलन के रामशहर क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश के कारण शनिवार रात करीब 10 बजे रामशहर-स्वारघाट मार्ग पर गुनाहकलां के पास पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और भारी मलबा सड़क पर आ गिरा। इससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। मंडी जिले में भारी बारिश से 24 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। सबसे ज्यादा असर सराज क्षेत्र में है, जहां 17 सड़कें बंद हैं। रविवार को कांगड़ा जिले में बादल छाए रहे, हल्की बारिश हुई और धुंध भी छाई रही।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम और खराब हो सकता है। 31 अगस्त से 3 सितंबर तक कई स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 5 सितंबर तक मैदानी, निचले पर्वतीय और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 31 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 1 सितंबर को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 2 सितंबर को बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश हो सकती है। 3 को सिरमौर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।