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हिमाचल में राहत की फुहारें, तीन दिन बारिश के आसार

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हिमाचल में लंबे समय बाद रविवार को हुई बारिश से चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है। आज भी हल्की बूंदाबादी हो रही है। बादल छाये हुए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार एक से तीन जून तक प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों के कुछ स्थानों में जबकि मध्यम ऊंचाई वाले अधिकतर क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। छह जून तक मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी भी हो सकती है।
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मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले कुछ स्थानों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। राजधानी शिमला के अलावा प्रदेश के सबसे गर्म जिलों ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा और अन्य क्षेत्रों में बारिश से मौसम सुहावना हो गया। शिमला और धर्मशाला में बारिश के बीच सैलानियों ने खूब मस्ती की।

शाम के समय भी बादल छाए रहे और लोगों ने मौसम का खूब लुत्फ उठाया। 24 घंटे के भीतर प्रदेश के तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को शिमला का अधिकतम तापमान 26.1, कल्पा 19.8, धर्मशाला 30.4, ऊना 38.4 और सोलन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा।
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चार जून तक केरल पहुंचेगा मानसून

अरब सागर में प्रतिचक्रवात के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून को आने में कुछ दिनों की देरी हो सकती है। मौसम विभाग ने अब मानसून के चार जून तक केरल के तट पर पहुंचने की भविष्यवाणी की है। पहले 30 मई की तारीख बताई गई थी। उधर, गर्मी से बेहाल लोगों के लिए खुशखबरी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, एक से तीन जून के बीच दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में आंधी के साथ बारिश हो सकती है।

इससे बढ़ते तापमान से राहत मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर में रविवार को हल्की बूंदाबांदी के चलते तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग के प्रमुख मौसम विज्ञानी डीएस पाई के अनुसार, परिस्थितियां अब भी मानसून के पक्ष में नहीं हैं। इसके कारण देरी होगी। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ता दक्षिण-पश्चिम मानसून 21 मई को श्रीलंका के दक्षिणी हिस्से में पहुंच गया था लेकिन इसके बाद एक हफ्ते तक यह निष्क्रिय रहा। दरअसल, मानसून पर अरब सागर में प्रति चक्रवात का असर पड़ा है।
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