मूसलाधार बारिश से शनिवार रात भावानगर के पानवी नाले में अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। इससे तरांडा हाइड्रो प्रोजेक्ट की पैन स्टोक पाइपें, दस टन सरिया और पावर हाउस के लिए बनी करीब एक किलोमीटर सड़क बह गई है। पानी का रुद्र रूप देख यहां काम करने वाले मजदूरों में भी अफरातफरी मच गई। मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई।
उधर, प्रदेश भर में अब भी सौ सड़कें बंद हैं। राजधानी शिमला समेत कई शहरों में जगह-जगह भूस्खलन और पेड़ गिरे हैं। पेयजल स्रोतों में गाद भरने से पानी का संकट भी गहरा गया है। कुल्लू में सैंज के मनहम गांव में सड़क पर मलबा आने से किसानों की टमाटर की फसल तबाह हो गई है।
दो दिन राहत, 15 से फिर बरसेंगे बादल- मूसलाधार बारिश से सोमवार और मंगलवार को कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 13 और 14 जुलाई को प्रदेश के कुछ स्थानों पर ही बारिश होगी। इन दो दिनों के दौरान कोई चेतावनी भी जारी नहीं की गई है। 15 से प्रदेश में फिर मौसम बिगड़ेगा। 15 और 16 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी है।