हिमाचल प्रदेश के मध्य और उच्च पर्वतीय आठ जिलों में रविवार से बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव आने का पूर्वानुमान है। 15 मार्च तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने की संभावना है। शनिवार को जिला मुख्यालय धर्मशाला में शनिवार दोपहर बाद बारिश और ओलावृष्टि हुई। राजधानी शिमला में दिन भर मौसम साफ बना रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कुछ क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं।
मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में रविवार को मौसम साफ रहेगा। 13 से 15 मार्च तक पूरे प्रदेश में बादल बरसने के आसार हैं। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में अंधड़ का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। शनिवार को ऊना में अधिकतम तापमान 31.7, हमीरपुर में 29.3, मंडी में 28.8, बिलासपुर में 28.5, कांगड़ा में 27.7, सुंदरनगर में 27.5, भुंतर में 27.4, चंबा में 26.6, सोलन में 26.5, नाहन में 26.1, धर्मशाला में 24.2, शिमला-मनाली में 19.4, कल्पा में 18.0 और केलांग में 11.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
न्यूनतम तापमान डिग्री सेल्सियस
केलांग - 2.3
कुकुमसेरी - 0.8
कल्पा 2.8
मनाली 4.0
कुफरी 7.1
सोलन 8.5
शिमला 8.8
डलहौजी 9.7
धर्मशाला 10.2
फरवरी में सामान्य से 71, मार्च में 84 फीसदी कम बरसे बादल
हिमाचल प्रदेश में एक से 11 मार्च तक सामान्य से 84 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई। फरवरी के दौरान सामान्य से 71 फीसदी कम बारिश हुई थी। मौसम में बदलाव आने के चलते इस वर्ष जनवरी और फरवरी के दौरान राजधानी शिमला में बर्फबारी भी नहीं हुई। फरवरी 2022 में शिमला में 59.3, 2021 में 54, 2000 में 5.4 और 2019 में 51.3 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई थी। इस वर्ष मनाली में भी फरवरी के दौरान मात्र चार और पूह में नौ सेंटीमीटर बर्फबारी ही हुई। फरवरी के दौरान इस वर्ष सामान्य से 71 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई। फरवरी 2022 में सामान्य से 24, 2021 में 81 और 2000 में 87 फीसदी कम बारिश हुई थी। फरवरी 2019 में सामान्य से 91 फीसदी अधिक बादल बरसे थे। 11 मार्च तक प्रदेश में 84 फीसदी कम बारिश हुई। इस अवधि में 40.1 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है जबकि इस वर्ष अभी तक सिर्फ 6.5 मिलीमीटर बारिश ही हुई है। प्रदेश के सभी जिलों में सामान्य से कम बादल बरसे हैं।