छुक-छुक की आवाज सिर्फ स्टीम इंजन से पैदा होती है। स्टीम इंजन में भाप के पिस्टन में आगे पीछे चलने और बाहर निकलने से छुक-छुक की आवाज पैदा होती है। स्टीम इंजन में बजने वाली सीटी भाप के दबाव से बजती है। डीजल इंजन के मुकाबले स्टीम इंजन की सीटी ज्यादा तीखी और दूर तक सुनाई देने वाली होती है।
96 किलोमीटर में 102 सुरंगें और 800 पुल
1903 में बिछाई गई 96 किलोमीटर कालका-शिमला रेललाइन में 102 सुरंगें, 800 पुल, 919 मोड़ और 18 रेलवे स्टेशन हैं। समुद्र तल से ट्रैक की ऊंचाई 2800 फुट से लेकर 7 हजार फीट है।
स्टीम इंजन का इतिहास आंकड़ों की जुबानी
- 115 साल पुराना है केसी-520 स्टीम लोकोमोटिव इंजन
- 1905 में अंग्रेजों ने शिमला से कैथलीघाट के बीच चलाया
- 1971 के बाद 30 सालों तक वर्कशॉप में खड़ा रहा
- 2001 में दोबारा बन कर तैयार हुआ
- 41 टन है इंजन का वजन
- 80 टन तक खींचने की क्षमता