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आठ महीने बाद रेलट्रैक पर उतरा रेलवे का 115 साल पुराना ऐतिहासिक स्टीम इंजन

Mon, 02 Nov 2020 06:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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स्टीम लोकोमोटिव इंजन - फोटो : अमर उजाला
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रेलवे का 115 साल पुराना इतिहास ‘स्टीम लोकोमोटिव इंजन’ सोमवार को एक बार फिर ट्रैक पर उतरा। शिमला से कैथलीघाट तक 21 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर स्टीम इंजन को 2 कोच के साथ ट्रायल रन पर रवाना किया गया। सुबह करीब 11:05 बजे रेलवे यार्ड से निकलकर स्टीम इंजन प्लेटफार्म पर पहुंचा। तीखी सीटी और छुक-छुक की आवाज सुनते ही यात्री और स्टाफ स्टीम इंजन को देखने प्लेटफार्म पर पहुंच गए।

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11:15 पर स्टीम इंजन शिमला से कैथलीघाट की ओर रवाना हो गया। शाम 4:30 बजे कैथलीघाट से वापस शिमला रेलवे स्टेशन पहुंचा। इससे पहले स्टीम इंजन 8 महीने पहले 12 फरवरी को शिमला से कैथलीघाट के बीच चलाया गया था। उस समय इंग्लैंड से आए सैलानियों ने स्टीम इंजन की बुकिंग की थी। अधिकतर विदेशी स्टीम इंजन के साथ सफर के लिए इसकी बुकिंग करते हैं।

औसतन 1 लाख 15 हजार रुपये में बुकिंग होती है। हालांकि, स्टीम इंजन के साथ जोड़े जाने वाले कोच के आधार पर इसका किराया निर्धारित होता है। रेलवे स्टेशन शिमला के स्टेशन अधीक्षक प्रिंस सेठी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण 8 महीनों से स्टीम इंजन खड़ा था, इसलिए रूटीन ट्रायल पर इसे शिमला से कैथलीघाट तक चलाया गया। ट्रायल पूरी तरह कामयाब रहा है।

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पिस्टन से निकलती है ‘छुक-छुक’ की आवाज, स्टीम से बजती है सीटी 

स्टीम लोकोमोटिव इंजन - फोटो : अमर उजाला
छुक-छुक की आवाज सिर्फ स्टीम इंजन से पैदा होती है। स्टीम इंजन में भाप के पिस्टन में आगे पीछे चलने और बाहर निकलने से छुक-छुक की आवाज पैदा होती है। स्टीम इंजन में बजने वाली सीटी भाप के दबाव से बजती है। डीजल इंजन के मुकाबले स्टीम इंजन की सीटी ज्यादा तीखी और दूर तक सुनाई देने वाली होती है।

96 किलोमीटर में 102 सुरंगें और 800 पुल
1903 में बिछाई गई 96 किलोमीटर कालका-शिमला रेललाइन में 102 सुरंगें, 800 पुल, 919 मोड़ और 18 रेलवे स्टेशन हैं। समुद्र तल से ट्रैक की ऊंचाई 2800 फुट से लेकर 7 हजार फीट है।

स्टीम इंजन का इतिहास आंकड़ों की जुबानी
- 115 साल पुराना है केसी-520 स्टीम लोकोमोटिव इंजन
- 1905 में अंग्रेजों ने शिमला से कैथलीघाट के बीच चलाया
- 1971 के बाद 30 सालों तक वर्कशॉप में खड़ा रहा
- 2001 में दोबारा बन कर तैयार हुआ
- 41 टन है इंजन का वजन
- 80 टन तक खींचने की क्षमता
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