नेहरू गांधी परिवार की पहली विदेशी बहू और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की दादी शोभा नेहरू बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं। सुबह करीब साढ़े आठ बजे राहुल गांधी दिल्ली से चंडीगढ़ तक हवाई मार्ग से पहुंचे। इसके आगे सड़क मार्ग से कसौली आए।
उनका काफिला सीधा फेयर व्यू विला गया। यहां भावुक होकर दादी के अंतिम दर्शन किए। इसके बाद हिंदू रीति-रिवाज से दाह संस्कार की रस्म शुरू हुई। कसौली मार्ग पर मशोबरा स्थित श्मशानघाट में चिता को बड़े बेटे अशोक नेहरू ने करीब साढ़े दस बजे मुखाग्नि दी।
राहुल शव वाहन में बैठकर ही श्मशानघाट तक गए। इस रस्म के बाद रिश्तेदारों के साथ वापस फेयर व्यू विला पहुंचे। करीब 12.50 बजे चंडीगढ़ रवाना हो गए। राहुल गांधी भी करीब चार घंटे यहां रुके। इस दौरान उनके मंझले बेटे आदित्य और अन्य परिजन मौजूद रहे।
देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के भतीजे बीके नेहरू की पत्नी शोभा नेहरू का मंगलवार सुबह करीब सवा पांच बजे कसौली के फेयर व्यू विला में निधन हो गया था। वे 109 साल की थीं।
इनका असल नाम मगदोलना फ्रीडमैन था। वे कई संस्थाओं से जुड़ी रहीं। 1980 के दशक में शोभा पति बीके नेहरू के साथ कसौली आई थीं। राहुल गांधी दादी से मिलने अकसर यहां आते थे। मई 2016 को भी वे कसौली आए थे।
राहुल ने करीब से जानी दाह संस्कार की हिमाचली रीत
राहुल गांधी ने एक साधारण परिवार के सदस्य की तरह ग्रामीणों और लोगों के साथ मिलकर हर रस्म निभाई। अपनी दादी की अर्थी बनते हुए करीब से देखी। हर रस्म के बारे में लोगों से पूछते रहे।
शव वाहन में खड़ा होकर उन्होंने अपनी दादी की अर्थी के लिए स्थान बनाया। शव को वाहन के अंदर सुरक्षित रखने तक वहीं रहे। श्मशानघाट में चिता पर घी फेंकने और चंदन के महत्व को भी जाना। उन्होंने हर रस्म को बेहद करीब से देखा।
शोभा नेहरू उर्फ मैगोडोलना फ्रिडमैन
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी शोभा नेहरू के बेहद लाड़ले थे। जब भी समय मिलता राहुल गांधी चुपचाप उनके पास पहुंच जाते। अंतिम बार मई 2016 में देर शाम उनसे मिलने पहुंचे थे। एक रात बिताकर वह वापिस दिल्ली लौट गए।
इसी तरह राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से से भी शोभा नेहरू के काफी गहरे संबंध रहे। सर्दियों में वह गुडगांव अपने बेटे के यहां रहने चली जाती थी। जबकि गर्मियों में वह कसौली में रहना पसंद करती थी। शोभा के डे के तीन बेटे हैं। पहला गुडगांव और अन्य दो छोटे बेटे अमेरिका में रहते हैं।
1980 के दशक में शोभा नेहरू अपने पति बीके नेहरू के साथ कसौली आई। 1999 में बीके नेहरू को पद्मभूषण अवार्ड मिला। बीके नेहरू का 92 वर्ष की आयु में 31 अक्टूबर 2001 को कसौली में निधन हुआ था।
उनके शव को दाह संस्कार के लिए दिल्ली लाया गया जहां उनका दाह संस्कार किया गया। वह नेहरू गांधी परिवार के बेहद करीबी रहीं। उन्हें भारत की सबसे उम्रदराज यहूदी महिला भी कहा जाता था। वहीं सोनिया गांधी नहीं बल्कि शोभा नेहरू नेहरू खानदान की पहली विदेशी बहू थी।
शोभा नेहरू का जन्म बुडापेस्ट (हंगरी) में 5 दिसंबर 1908 को हुआ था। 1930 में बीके नेहरू के साथ शादी होने से पहले उनका नाम मैगोडोलना फ्रिडमैन उर्फ फौरी था। जिन्हें बाद में नेहरू परिवार ने शोभा नेहरू का नाम दिया गया।
फेयर व्यू बंगले को उनके स्वर्गीय पति व पूर्व राजदूत ब्रज कुमार नेहरू ने 1987 में खरीदा था। बीके नेहरू यूनाईटेड स्टेट में भारतीय राजदूत के अलावा जेएंडके व गुजरात में राज्यपाल भी रहे हैं।