देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के चचेरे भाई के बेटे बीके नेहरू की पत्नी और कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की 109 वर्षीय दादी शोभा नेहरू का सोलन के कसौली में निधन हो गया।
लोअर मालरोड स्थित फेयर व्यू कोठी में मंगलवार सुबह पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। शोभा नेहरू कुछ अरसे से बीमार चल रही थी। लेकिन उनकी अंतिम इच्छा कसौली के इस बंगले से ही प्राण त्यागने की थी।
लिहाजा सप्ताह भर पहले अमेरिका में रह रहे मंझले बेटे आदित्य नेहरू अपनी मां की इच्छा के अनुरूप कसौली पहुंचकर उनके साथ ही रह रहे थे। शोभा नेहरू के केयर टेकर संजय कुमार ने बताया कि हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार बुधवार सुबह साढ़े दस बजे के करीब कसौली परवाणू मार्ग पर मशोबरा शमशानघाट में होगा। जिसमें कई राजनैतिक चेहरों के पहुंचने की उम्मीद है।
शोभा के लाड़ले थे राहुल गांधी
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी शोभा नेहरू के बेहद लाड़ले थे। जब भी समय मिलता राहुल गांधी चुपचाप उनके पास पहुंच जाते। अंतिम बार मई 2016 में देर शाम उनसे मिलने पहुंचे थे। एक रात बिताकर वह वापिस दिल्ली लौट गए।
इसी तरह राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से से भी शोभा नेहरू के काफी गहरे संबंध रहे। सर्दियों में वह गुडगांव अपने बेटे के यहां रहने चली जाती थी। जबकि गर्मियों में वह कसौली में रहना पसंद करती थी। शोभा के डे के तीन बेटे हैं। पहला गुडगांव और अन्य दो छोटे बेटे अमेरिका में रहते हैं।
शोभा नेहरू उर्फ मैगोडोलना फ्रिडमैन
1980 के दशक में शोभा नेहरू अपने पति बीके नेहरू के साथ कसौली आई। 1999 में बीके नेहरू को पद्मभूषण अवार्ड मिला। बीके नेहरू का 92 वर्ष की आयु में 31 अक्टूबर 2001 को कसौली में निधन हुआ।
उनके शव को दाह संस्कार के लिए दिल्ली लाया गया जहां उनका दाह संस्कार किया गया। वह नेहरू गांधी परिवार के के बेहद करीबी रहीं। उन्हें भारत की सबसे उम्रदराज यहूदी महिला भी कहा जाता था। वहीं सोनिया गांधी नहीं बल्कि शोभा नेहरू नेहरू खानदान की पहली विदेशी बहू थी।
शोभा नेहरू का जन्म बुडापेस्ट(हंगरी) में 5 दिसंबर 1908 का जन्म हुआ था। 1930 में बीके नेहरू के साथ शादी होने से पहले उनका नाम मैगोडोलना फ्रिडमैन उर्फ फौरी था। जिन्हें बाद में नेहरू परिवार ने शोभा नेहरू का नाम दिया गया।
फेयर व्यू बंगले को उनके स्वर्गीय पति व पूर्व राजदूत ब्रज कुमार नेहरू ने 1987 में खरीदा था। बीके नेहरू यूनाईटेड स्टेट में भारतीय राजदूत के अलावा जेएंडके व गुजरात में राज्यपाल भी रहे हैं।