मध्य प्रदेश के देवास में1 से 4 जून तक हुई 16वीं जीएफआई ग्रेपलिंग चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश के देहरा उपमंडल के राघव जम्वाल ने दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए हैं। राघव ने ये दोनों पदक जीआई और नोगी केटेगरी में जीते हैं।
इस टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर राघव का चयन 20 से 24 जून तक कजाकिस्तान में होने वाले एशियन स्तर के टूर्नामेंट के लिए हुआ है। राघव इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम के उपकप्तान के रूप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। विधानसभा जसवां परागपुर की तहसील जसवां के गांव बाड़ी के गुरविंदर जम्वाल के घर जन्में राघव की कहानी कुछ अलग है।
बचपन से उन्हें किक बॉक्सिंग खेलना पसंद रहा। मेहनत की तो 2018 में किक बॉक्सिंग में थाइलैंड तक जा पहुंचे। वहां पहली बार पता चला कि ग्रेपलिंग नाम की भी एक गेम है। गेम इतनी पसंद आई कि उसे ही खेलने का मन बना लिया। उसके बाद इसी गेम के प्रति खुद को समर्पित कर दिया। उसी की बदौलत अब वह देश की तरफ से जा रहे 10 खिलाड़ियों की टीम में उपकप्तान की जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं।
दिल्ली में हुई शिक्षा
राघव के पिता गुरविंद्र जम्वाल पेशे से होटल संचालक हैं। वह शुरू से ही चाहते थे कि बेटा खेल में नाम कमाए। इसलिए पढ़ाई के लिए दिल्ली भेजा। राघव ने 10वीं और जमा दो तक की शिक्षा एयरफोर्स भारती स्कूल से पूरी की। राघव आईआईएम रोहतक से स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे हैं। राघव ने बताया कि उनके ताया अमित जम्वाल उन्हें प्रेरित करते रहे हैं।
मेरा परिवार हमेशा मेरा समर्थन करता आया है। क्रॉस ट्रेन फाइट क्लब के संचालक सिद्धार्थ सिंह के मार्गदर्शन से ही मैं आज यह दिन देख पाया हूं। मेरा सपना देश के लिए गोल्ड मेडल लाना है। हिमाचल में इस खेल के बारे में कोई नहीं जानता। प्रदेश के युवाओं को इस खेल से जोड़ने के लिए अकादमी खोलना चाहता हूं।
-राघव
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