फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्र की गरीबी, जाति का मजाक उड़ाना भी रैगिंग, होगी 3 साल जेल

Thu, 23 Nov 2017 06:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरागोपीपुर (कांगड़ा)
विज्ञापन
विज्ञापन
किसी विद्यार्थी की गरीबी, जाति, धर्म और लैंगिकता का मजाक उड़ाना भी अब रैगिंग की श्रेणी में अपराध माना जाता है। शिक्षण संस्थानों में रैगिंग को अपराध मानते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के प्रावधान में 3 साल तक का कारावास या 50 हजार तक का जुर्माना हो सकता है।
विज्ञापन


रैगिंग की शिकायत मिलने पर यदि शिक्षण संस्थान के मुखिया द्वारा कार्रवाई न करने पर जुर्माना व कारावास का प्रावधान है। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में उपमंडल विधिक सेवा समिति के सदस्यों ने दी। 

इसके लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धवाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बनखंडी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढलियारा में छठी से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं को रैगिंग के खिलाफ जागरूक किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उपमंडल विधिक सेवा समिति अध्यक्ष एवं न्यायाधीश प्रथम श्रेणी सूर्य प्रकाश ने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता बीएल चमियाल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धवाला, वरिष्ठ अधिवक्ता एसके नरोतरा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बनखंडी और अधिवक्ता सुशील कुमार ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढलियारा में बच्चों को रैगिंग के खिलाफ जागरूक किया।

उन्होंने रैगिंग के दुष्प्रभावों को बताते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग एक कुरीति की तरह उभर रहा है, जिसे कानून के माध्यम से रोका गया है।

उन्होंने बताया कि रैगिंग से प्रभावित विद्यार्थियों पर गंभीर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है, जिसकी वजह से विद्यार्थी लंबे समय तक अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता है। इन शिविरों में लगभग 750 छात्र छात्राओं ने भाग लिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें