किसी विद्यार्थी की गरीबी, जाति, धर्म और लैंगिकता का मजाक उड़ाना भी अब रैगिंग की श्रेणी में अपराध माना जाता है। शिक्षण संस्थानों में रैगिंग को अपराध मानते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के प्रावधान में 3 साल तक का कारावास या 50 हजार तक का जुर्माना हो सकता है।
रैगिंग की शिकायत मिलने पर यदि शिक्षण संस्थान के मुखिया द्वारा कार्रवाई न करने पर जुर्माना व कारावास का प्रावधान है। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में उपमंडल विधिक सेवा समिति के सदस्यों ने दी।
इसके लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धवाला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बनखंडी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ढलियारा में छठी से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं को रैगिंग के खिलाफ जागरूक किया गया।