लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सेब सीजन के दौरान सड़कों के रखरखाव में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सेब सीजन शुरू होने से पूर्व जुलाई में वह एक बार पुनः इसकी समीक्षा करेंगे। हिमाचल फल उत्पादक प्रदेश के रूप में विख्यात है। बागवानी विशेष तौर पर सेब उत्पादन से राज्य में लगभग 5 हजार करोड़ की आर्थिकी जुड़ी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि सेब सीजन के लिए अभी लगभग एक माह का समय शेष है और इस अवधि में वे सभी तैयारियां पूर्ण कर लें। उन्होंने यह बात सचिवालय में सोमवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने सेब उत्पादन क्षेत्र में आने वाली सड़कों में ब्लैक स्पॉट, तीखे एवं संकरे मोड़ तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में समुचित चेतावनी चिन्ह प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
कहा कि शिमला जोन में पांच वृत्तों की 14 सड़कों की त्वरित मरम्मत एवं रखरखाव पर लगभग साढ़े तीन करोड़ की अतिरिक्त राशि व्यय की जाएगी। पराला, रोहड़ू, भट्टाकुफर, सोलन और परवाणु स्थित एपीएमसी मार्किट यार्ड को जोड़ने वाली सड़कों के उचित रखरखाव के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पराला मार्किट यार्ड की सड़क के लिए एपीएमसी के माध्यम से लगभग 3.48 करोड़ की राशि जारी की गई है। डिपोजिट वर्क में भी एपीएमसी से राशि का मामला उठाया गया है।
बैठक में सेब उत्पादन से जुड़े शिमला, कुल्लू और किन्नौर जिलों की प्रमुख सड़कों, पंचायत एवं ग्राम स्तर की संपर्क सड़कों, शिमला व ठियोग बाईपास को खुला रखने तथा छैला सड़क मार्ग विस्तारीकरण की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त ठियोग सहित विभिन्न स्थानों पर नियंत्रण एवं उप-नियंत्रण कक्ष स्थापित करने पर भी चर्चा की गई।