भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद पंजाब नेशनल बैंक ने लॉकडाउन के बीच गरीब परिवारों के खातों से लोन की मासिक किस्तें काटनी शुरू कर दी हैं। ऐसा ही एक मामला जिला मुख्यालय हमीरपुर के साथ लगते गांव चमनेड़ में सामने आया है। अनीता कुमारी पत्नी उत्तम चंद ने बताया कि वह दिव्यांग हैं। पति दिहाड़ी मजदूरी करता था, लेकिन लॉकडाउन के चलते आजकल घर पर है।
महिला को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से 2500 रुपये दिव्यांग पेंशन मिलती है। उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 2000 रुपये भी मिलते हैं। अनीता ने बताया कि उन्होंने पीएनबी लंबलू शाखा से मकान के लिए ऋण लिया है, जिसकी अधिकतर राशि उन्होंने भर दी है।
लेकिन लॉकडाउन के चलते कोई रोजगार न होने के चलते इस माह बैंक लोन की किस्त जमा नहीं हुई। उनके खाते में दिव्यांग पेंशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत कुल 4500 रुपये जमा हुए। लेकिन जब वह पैसे निकालने गईं तो बैंक कर्मचारियों ने बताया कि उनके खाते में कोई राशि नहीं बची है।
पड़ताल करने पर पता चला कि लोन की किस्त जमा न होने पर यह आर्थिक मदद की राशि बैंक ने काट ली है। उत्तम चंद ने बताया कि उनका बड़ा बेटा चौथी कक्षा में पढ़ता है और दूसरा अभी छोटा है। घर पर पैसे न होने के चलते उन्हें राशन समेत अन्य खर्चों को पूरा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बैंक आकर दें अंडरटेकिंग, नहीं कटेगी किस्त : भट्टी
पीएनबी के लीड जिला प्रबंधक गुरचरण भट्टी ने कहा कि बैंक के सॉफ्टवेयर में स्वत: ही हर बार मासिक बैंक लोन की किस्त खाते से कटने के लिए आउट डेविट का विकल्प फीड होता है। जिस कारण उनकी बैंक लोन की किस्त कटी होगी। लेकिन अगर कोई व्यक्ति यह चाहता है कि लॉकडाउन में उनके खाते से पैसे न काटे जाएं, तो बैंक आकर अंडरटेकिंग देनी होगी, जिसके बाद उनकी किस्तें कटनी बंद हो जाएंगी।