हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में तैनात पीटीए टीचर 6 अक्तूबर को काले दिवस के रूप में मनाएंगे। इस दिन सभी जिला मुख्यालयों में पीटीए शिक्षक काले बिल्ले लगाकर 6 अक्तूबर 2008 में शिक्षकों पर हुए लाठीचार्ज और तत्कालीन सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करेंगे।
संघ के अध्यक्ष विवेक मेहता ने बताया कि 2008 में भाजपा सरकार ने शांतिपूर्वक ढंग से रैली कर रहे पीटीए शिक्षकों पर सचिवालय के बाहर लाठीचार्ज करवाया था। लाठीचार्ज के दौरान सेकड़ों शिक्षक घायल हुए और दर्जनों के खिलाफ पुलिस केस बनवाए।
महासचिव शिशु पाल गाजटा और सह सचिव ललित ठाकुर ने कहा कि उस वक्त पीटीए शिक्षक पालिसी बनाने की मांग की लड़ाई को लेकर रैली कर रहे थे। तत्कालीन सरकार ने शिक्षकों के साथ बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया।
लाठियां बरसाई, पुलिस से घोड़े चलवाए और शिक्षकों पर पुलिस केस बनाए। सिर्फ इसलिए की पीटीए शिक्षकों को कांग्रेस के कार्यकाल में लगाया गया। महासचिव शिशु पाल गाजटा ने कहा बीजेपी सरकार ने हमें शरीरिक पीड़ा दी और कांग्रेस सरकार आठ साल से नियमितीकरण का आश्वासन देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है।
पीटीए शिक्षकों की प्रमुख मांगे
- नियमितीकरण की स्थाई नीति निर्माण
- 8 साल पूरा कर चुके शिक्षकों को मिले स्पेशल अनुबंध
- स्पेशल अनुबंध के तुरंत बाद हो नियमित
- नीति निर्माण से पूर्व पैरा शिक्षकों की तर्ज पर मिले अनुबंध लाभ