हिमाचल प्रदेश को जल्द ही आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) मिल सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर को इसका भरोसा दिया है।
शुक्रवार को दिल्ली में मुलाकात के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार डेढ़ सौ एकड़ जमीन का प्रबंध करे और एम्स ले जाए। केंद्रीय मंत्री ने आईजीएमसी एवं आरपीएमसी टांडा में स्वीकृत एमबीबीएस सीटों को बरकरार रखने के भी सकारात्मक संकेत दिए।
शुक्रवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन से मुलाकात की। इस दौरान कौल सिंह ने हिमाचल में पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का आग्रह किया।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री को एक पत्र भी सौंपा, जिसमें एमसीआई की ताजा सिफारिशों की बात भी उठाई। एमसीआई ने टांडा और आईजीएमसी में सीटें कम करने की सिफारिश की है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराया कि एमसीआई ने प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को पहली बार ही 150 सीटें मंजूर कर दी हैं, जबकि प्रदेश के दो सरकारी मेडिकल कालेजों की सीटें घटाने की सिफारिश की गई है।
उन्होंने डा. हर्षवर्धन को हिमाचल आने का भी निमंत्रण दिया। केंद्रीय मंत्री से मिलने के बाद कौल सिंह ठाकुर तंबाकू विरोधी अभियान कार्यक्रम में हिस्सा लेने शुक्रवार को ही दिल्ली से अमेरिका रवाना हो गए।
अमर उजाला से फोन पर उन्होंने बताया कि अमेरिका से वापस आने के बाद हिमाचल में जमीन के लिए तलाश शुरू की जाएगी।