शिमला। जेपी कंपनी के बाघा सीमेंट प्लांट में नियमों का उल्लंघन करने के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने आखिरी अल्टीमेटम जारी किया है। बोर्ड के सदस्य सचिव की ओर से शुक्रवार को जारी दिशा निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जेपी कंपनी बाघा प्लांट में नियमों का पालन करें, नहीं तो कंपनी का कंसेंट निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही सीमेंट प्लांट को बंद कर दिया जाएगा। इसकी प्रति प्रधान सचिव उद्योग, प्रधान सचिव वन एवं पर्यावरण सहित अन्य को भी प्रेषित की गई है।
इससे पहले बोर्ड की ओर से जेपी कंपनी को नोटिस भेजा गया था। इसके तत्काल बाद अब आखिरी अल्टीमेटम जारी किया गया है, जिससे कंपनी बाद में यह न कह पाए कि उसका पक्ष नहीं सुना गया। सीमेंट उत्पादन करने के लिए जितनी क्षमता स्वीकृत की गई है उसी के अनुसार उत्पादन किया जाए। खनन करने के लिए जितनी अनुमति दी गई है, उसी के अनुसार खनन किया जाए। बोर्ड ने बिजली बोर्ड के सोलन के अधिशासी अभियंता को कहा कि जितनी क्षमता के लिए प्लांट स्वीकृत है, उतनी ही बिजली दी जाए। उससे अधिक की बिजली तत्काल प्रभाव से काट दी जाए। साथ ही मौके पर उतना ही खनन किया जाए, जितने के लिए प्लांट मंजूर है। उससे एक रत्ती भी अधिक खनन न किया जाए। यह निगरानी रखने के लिए खनन महकमे को कहा गया है।
-
जेपी कंपनी को बोर्ड की ओर से पहले नोटिस दिया गया था। अब अल्टीमेटम दिया जा रहा है। इसके बावजूद कंपनी ने क्षमता से अधिक उत्पादन बंद नहीं किया तो कंसेंट निरस्त करके प्लांट को बंद करा दिया जाएगा। - विनीत कुमार, सचिव सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
-
कानूनी पहलुओं की पड़ताल करने के बाद बोर्ड ने शुक्रवार को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब बोर्ड के अलावा खनन और बिजली बोर्ड को भी अपने स्तर पर कार्रवाई करनी है। - कुलदीप सिंह पठानिया, चेयरमैन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड