हिमाचल प्रदेश पेट्रोलियम एसोसिएशन ने सरकार द्वारा पेट्रोल पर दो फीसदी वैट बढ़ाने का विरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि इसका न केवल पेट्रोल पंप मालिकों, बल्कि लोगों पर भी विपरीत असर पड़ेगा। इस कारण सरकार को अपना निर्णय वापस लेना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश पेट्रोलियम एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुकुमार ने बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस तरह का निर्णय जनता के चुने प्रतिनिधियों द्वारा नहीं लिया गया है। इस तरह का षड्यंत्र पंजाब, हरियाणा को लाभ पहुंचाने के लिए रचा गया है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में तो टैक्स भी कम है।
यदि प्रदेश में वैट बढ़ता है तो इसका नुकसान आम जनता को ही उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार ने जनता से इस बारे में आपत्तियां मांगी है। 10 दिनों के भीतर हर वाहन मालिक को इस पर अपनी आपत्ति जतानी चाहिए ताकि सरकार इस तरह का निर्णय न ले सके।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन द्वारा आम जनता को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पेट्रोल पंप एसोसिएशन सदस्य हर वाहन मालिक को इस बारे जागरूक करेंगे ताकि वैट न बढ़ाया जाए।
एक साथ खुले पेट्रोल पंपों पर जांच
सरकार द्वारा कुछ ही दूरी पर खोले गए पेट्रोल पंपों को लेकर जांच शुरू हो गई है। नौ सितंबर को हुई पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक में इस मुद्दे को लेकर विस्तार से चर्चा हुई थी। इस कारण अब इस पर उचित कदम उठाए गए हैं।