आरोप, पुलिस कार्रवाई करती तो बच जाती छात्रा की जान अमर उजाला ब्यूरो शिमला। सीपीआईएम शिमला की लोकल कमेटी ने धर्मशाला कॉलेज में छात्रा की मौत मामले में शनिवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कमेटी ने निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता और सरकारी तंत्र की विफलता के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीआईएम के राज्य सचिव संजय चौहान, राज्य सचिवालय सदस्य राकेश सिंघा, राज्य कमेटी सदस्य जगत राम ने कहा कि छात्रा पल्लवी की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। आरोप लगाया कि छात्रा के माता-पिता ने दो बार धर्मशाला पुलिस स्टेशन में गए लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट नहीं ली। बेटी के साथ कॉलेज में कुछ लड़कियों के रैगिंग करने और एक अध्यापक के शारीरिक हिंसा करने की शिकायत पुलिस में दी थी। छात्रा करीब ढाई महीने डिप्रेशन में रही।
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अस्पताल में मां-बाप उपचार करवा रहे थे इसी दौरान 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। कमेटी ने आरोप लगाया कि इस मौत के लिए पुलिस, कॉलेज प्रशासन और सरकार का तंत्र पूरी तरह से जिम्मेदार है। यदि समय रहते दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती तो छात्रा की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश में छात्राओं, महिलाओं के साथ शारीरिक हिंसा बलात्कार की घटनाओं में भारी वृद्धि हो रही है। इसे रोकने में सरकार, पुलिस पूरी तरह फेल है।
लापरवाह पुलिस पर हो कार्रवाई
सीपीआईएम ने सरकार से मांग की कि पल्लवी की मौत की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। शिक्षण संस्थानों में कमेटियों का गठन किया जाए ताकि महिलाओं को सुरक्षा मिल सके। इसमें जिन पुलिस कर्मचारियों ने एफआईआर दर्ज करने से मना किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में कुलदीप तनवर, जगमोहन ठाकुर, राम सिंह, सत्यवान, बालक राम, महेश, विवेक कश्यप, सनी, कमल और रितेश भी मौजूद रहे।