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बस किराया बढ़ोतरी के विरोध में सड़कों पर उतरने की तैयारी

Mon, 01 Oct 2018 09:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में बस किराया बढ़ोतरी का विरोध शुरू हो गया है। कांग्रेस और माकपा ने सड़कों पर उतरने की तैयारी कर ली है जबकि प्रदेश की जनता भी जयराम सरकार के इस फैसले के खिलाफ हो गई है। सरकार ने न्यूनतम किराया तीन से छह रुपये लागू कर दिया है।

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जनता को उम्मीद थी कि न्यूनतम किराया 6 के बजाए 5 रुपये तक हो सकता है लेकिन शनिवार को अधिसूचना से सरकार ने जनता को बड़ा झटका दिया है। अब कांग्रेस और माकपा इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रही है। दोनों दलों का दावा है कि जयराम सरकार को आगामी लोकसभा चुनाव में इसकी मार झेलनी पड़ेगी। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो प्रदर्शन होंगे।

जयराम सरकार ने बस किराये में बढ़ोतरी कर पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड को भी पीछे छोड़ दिया है। पंजाब में सामान्य बसों में 1.60 रुपये, हरियाणा में 85 पैसे और उत्तराखंड में 1.56 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया तय है। जयराम सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में साधारण बसों में 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर किराया तय किया है।
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मैदानी इलाकों में भले ही जयराम सरकार ने किराया 1.12 रुपये किया हो, लेकिन यह किराया भी हरियाणा रोडवेज की अपेक्षा 27 पैसे अधिक है। किराया बढ़ने की सबसे ज्यादा मार प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों पर पड़ी है। सरकार तर्क दे रही है कि 2013 के बाद हिमाचल में बस किराये में बढ़ोतरी नहीं हुई है।

मशीनें नहीं हुईं अपडेट
प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद परिवहन निगम ने कंडक्टरों के हाथ में पंच करने वाले टिकट थमा दिए हैं। बताया जा रहा है कि निगम की ओर से मशीनें अपडेट नहीं हुई हैं। वहीं निजी परिचालक बिना टिकट दिए सवारियों ने बढ़ा हुआ किराया वसूल रहे हैं।

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