आयुष्मान भारत के तहत सूबे के लगभग 108 उपस्वास्थ्य केंद्र हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तबदील होंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार के गृह जिला मंडी व कांगड़ा में पहले चरण में 12-12 उप स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलसेन सेंटर में विकसित किया जाएगा।
अन्य जिलों में भी इसी तर्ज पर मरीजों को अब उप स्वास्थ्य केंद्रों में अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। मंडी जिला में धर्मपुर और जंजैहली स्वास्थ्य खंडों में छह-छह उप स्वास्थ्य केंद्र व कांगड़ा जिला में पीएचसी खनियारा, दाड़ी और बीड़ के दायरे में आने वाले 12 उप स्वास्थ्य केंद्रों का चयन किया गया है।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने कहा कि निदेशालय को उप स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सूची भेज दी है। स्वीकृत मिलते ही तय स्वास्थ्य संस्थानों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तबदील किया जाएगा।
ये सुविधा मिलेगी
आयुष्मान भारत के तहत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में संक्रामक रोगों के प्रबंधन, सामान्य बाहरी मरीजों के उपचार की सुविधा, गैर संक्रामक रोगों की जांच की व्यवस्था, महिलाओं की गर्भावस्था और बच्चे की देखभाल करने, नवजात और शिशु स्वास्थ्य के उपचार करने, बचपन और किशोर स्वास्थ्य उपचार, परिवार नियोजन और प्रजनन स्वास्थ्य का प्रावधान रहेगा। इसके अलावा अन्य छोटे टेस्ट के सैंपलों की जांच करने की सुविधा मिलेगी। सूबे में इन सेंटरों को विकसित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे गांव के लोगों को घरद्वार बेहतर सुविधा मुहैया होगी।