संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़क गया है। मांगें न माने जाने पर बुधवार को पटवारियों ने प्रदेश की तहसीलों, उप तहसीलों में गेट मीटिंग कर विरोध जताया। महासंघ ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर सरकार मांगें नहीं मानती तो पटवारी और कानूनगो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।
पटवारी और कानूनगो पांच मुख्य मांगों पर अडे़ हैं। इसमें कानूनगो से नायब तहसीलदार के लिए शत-प्रतिशत पदोन्नति, चार क्षेत्रीय वृत्तों पर एक कानूनगो की तैनाती, अनुबंध पटवारियों को नियमित पटवारियों की तर्ज पर वित्तीय लाभ, नई स्टाफिंग नॉर्म्स को वापस किया जाना और रिक्त पदों को भरा जाना शामिल है।
महासंघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ने कहा कि पटवारी और कानूनगो एक सप्ताह से काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रकट कर रहे हैं। पटवारियों ने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिए हैं। यहां तक कि जिस सर्कल में चौकीदार नहीं हैं, वहां डिमार्केशन तक बंद कर दी है। इससे जनता परेशानी झेल रही है लेकिन सरकार पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने आश्वासन दिया था कि विशेष वेतन, लेखन सामग्री, बस्ता भत्ता और बिजली के बिलों में मिलने वाली राशि में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। महासंघ ने सरकार से आग्रह किया है कि पटवारी और कानूनगो महासंघ की मांगों पर गौर करे। महासंघ ने गांधी जयंती के दिन उपवास करने का ऐलान भी किया है।
तीन बार अधिकारियों के साथ हुई बैठकें
महासंघ के अध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि पटवारियों और कानूनगो की मांगों को लेकर तीन बार बैठकें हुईं लेकिन इसमें महासंघ को सिर्फ आश्वासन ही मिला। राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने भी 15 दिन के भीतर मांगें पूरी करने की बात कही थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।