इसके बदले 3-3 हजार रुपये लिए गए। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर 150 के करीब फ्रेंचाइजी चल रही थीं। आईडी से लोगों को घर बैठे मोबाइल से एसएमएस करने थे।
इसके बदले हर माह पांच हजार देने का झांसा दिया। शुरुआती दौर में कंपनी ने कुछ लोगों को पैसे दिए, लेकिन अब अचानक हजारों लोगों के पैसे डकारकर कंपनी के नुमाइंदे बोरिया बिस्तर समेट फरार हो गए हैं।
ऊना कॉलेज के समीप एक कंपनी काफी समय से मोबाइल एसएमएस करने के नाम पर लोगों को रोजगार दे रही थी। कंपनी से तीन हजार रुपये में आईडी लेने पर 70 दिन के बाद पांच हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे।
प्रदेश सहित बाहरी राज्यों से भी लोग कंपनी के साथ जुड़ने लगे। कई लोगों ने लालच में आकर 10 से 500 आईडी तक खरीद लीं। यहां तक लोगों ने आईडी लेने के लिए अपने गहने तक बेच दिए।
कइयों ने फ्रेंचाइजी लेकर ऑफिस खोले और आगे आईडी बेचने लगे। कंपनी के झांसे में कालेजों के छात्र, महिलाएं सहित अन्य लोग शामिल है।
ऊना निवासी विशाल ने बताया कि उसने कंपनी से 12 लाख में 500 आईडी ले रखी हैं। उन्हें सुबह ही कंपनी के काम बंद करने की सूचना मिली। छात्रा अनु ने बताया ने कि उसने 6 हजार रुपये और सन्नी ने कंपनी में 24 हजार रुपये लगाए हैं।
बख्शो देवी ने 30 हजार में फ्रेंचाइजी ले रखी है। उसने करीब 1000 हजार लोगों की आईडी बनाई थी। इसकी पेमेंट कंपनी को दे रखी है। 10 लोगों को पैसे वापस आने शुरू हुए थे। बख्शो ने बताया एक दिन पहले ही उसने पांच लाख रुपये जमा करवाए हैं। आकाश ने 16 आईडी ले रखी थीं।