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कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों की सूची तैयार, लिस्ट लेकर दिल्ली पहुंचे वीरभद्र सिंह

Mon, 16 Oct 2017 12:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह संभावित प्रत्याशियों की सूची लेकर रविवार को दिल्ली पहुंच गए हैं। जाने से पहले सीएम ने सुबह अपने निजी निवास हालीलॉज में वरिष्ठ मंत्री कौल सिंह ठाकुर के साथ टिकटों पर चर्चा की। 
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सीएम सोमवार सुबह 11:00 बजे नई दिल्ली में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में शामिल होंगे। इस कमेटी की बैठक में ही छंटनी कमेटी की बैठक के लिए तीन-तीन नाम भेजे जाएंगे। छंटनी कमेटी आगे केंद्रीय चुनाव समिति को छांटे गए प्रत्याशी का नाम भेजेगी। 

केंद्रीय चुनाव समिति की सिफारिश पर ही कांग्रेस हाईकमान उम्मीदवारों पर अंतिम मुहर लगाएगी। सूत्रों ने बताया कि पिछले दो दिनों में मुख्यमंत्री ने हालीलॉज में बैठकर ही कांग्रेस टिकटों पर विचार मंथन किया। 
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इस सारी प्रक्रिया में उनके वर्ष 2012 के चुनाव की तरह ही खास रणनीतिकार हर्ष महाजन ही हैं। वह सीएम वीरभद्र सिंह के साथ लगातार बने हुए हैं। वीरभद्र सिंह से जहां पिछले दो दिन में कई महत्वपूर्ण नेता हालीलॉज जाकर मिले हैं, वहीं वह फोन पर भी सभी करीबियों से संपर्क साधकर एक-एक सीट का ब्योरा ले रहे हैं।

कौल सिंह ने इनके लिए मांगा टिकट

सोमवार को रखी गई प्रदेश चुनाव समिति की बैठक से एक दिन पहले कौल सिंह ठाकुर ने हालीलॉज जाकर सीएम वीरभद्र सिंह से अपनी बेटी चंपा ठाकुर के लिए मंडी सदर से टिकट की बात की है।

सूत्रों ने बताया कि कौल सिंह का तर्क है कि अगर चंपा ठाकुर को कांग्रेस का टिकट दिया जाता है तो उस स्थिति में मंडी सदर से अनिल शर्मा को परास्त किया जा सकता है। चंपा दो बार जिला परिषद की सदस्य रह चुकी हैं।

बाद में कौल सिंह ठाकुर ने मीडिया को बताया कि मंत्री अनिल शर्मा के कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में जाने से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। ये कांग्रेस का गढ़ रहा है। चाहे सुखराम खडे़ हुए या उनके बेटे अनिल शर्मा। अनिल शर्मा ने चार साल सरकार की मलाई चाटी।

सरकार से काम लिए। इस सबके बावजूद उन्होंने कांग्रेस को धोखा दिया है। लोगों को गलतफहमी हो गई है कि अगली सरकार भाजपा की होगी। हिमाचल के लोग हमेशा विकास को वोट देते हैं। प्रदेश में बेमिसाल विकास हुआ है और इसके लिए कांग्रेस को वोट दिए जाएंगे। किसी और मंत्री के कांग्रेस छोड़कर जाने का कोई इरादा नहीं है। 

कुछ विधायकों की कट सकती है टिकट, उम्‍मीदवारों की पहली भी जल्द

हिमाचल प्रदेश में बदल रही राजनीतिक तस्वीर के मद्देनजर कांग्रेस अपने कुछ मौजूदा विधायकों का टिकट काट सकती है। दिल्ली में सोमवार को हिमाचल प्रदेश चुनाव समिति की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें उम्मीदवारों के नामों पर फैसला होना है।

अगर सब कुछ ठीक रहा तो उम्मीदवारों के नामों की पहली सूची सोमवार को ही घोषित कर दी जाएगी। कांग्रेस की नजर अपने उन विधायकों पर है जिनकी निष्ठा पार्टी के प्रति बदल गई है अथवा जो भविष्य में पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं। पार्टी उनकी उम्मीदवारी को लेकर सतर्क हो गई है।

पार्टी को हिमाचल प्रदेश की 68 सीटों के लिए 703 उम्मीदवारों के आवेदन मिले हैं। कुछ मौजूदा विधायकों के क्षेत्र से भी कुछ ऐसे नाम सामने आए हैं जिनकी छवि और जीत को लेकर पार्टी नेता आश्वस्त हैं। ऐसे में वहां से मौजूदा विधायक का टिकट काट सकता है।

हालांकि पार्टी कोई फैसला लेने से पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू की राय जानने के बाद ही कोई फैसला करेगी, जिससे कि चुनाव में गुटबाजी न हो।

सूत्रों की मानें तो तीन विधायकों को लेकर पार्टी असमंजस में है। माना जा रहा है कि इनके बारे में फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ा जाएगा। सीएम वीरभद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष समेत हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेता सोमवार को दिल्ली में विचार-विमर्श कर उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देंगे।

कांग्रेस में इनकी वापसी तय

कांग्रेस पार्टी से बागी 6 पूर्व विधायकों समेत 43 कांग्रेस पदाधिकारियों की वापसी तय मानी जा रही है। इन नेताओं को बिना शर्त पार्टी में शामिल किया जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बागियों से वार्तालाप जारी है। पार्टी का मिशन रिपीट और संगठन को और मजबूत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस की कसरत जारी है। 

वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव के दौरान 6 विधायकों को पार्टी टिकट नहीं मिला था। इसके चलते इन नेताओं ने पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा। इस पर कांग्रेस ने इन्हें निष्कासित किया था। यही नहीं इन नेताओं के साथ कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बागी हो गए थे।

हालांकि, छह महीने से ये नेता खुद भी पार्टी में शामिल होने की बात कर रहे थे लेकिन जिले की कार्यकारिणी और संबंधित क्षेत्र के विधायक इन नेताओं की वापसी पर एतराज जता रहे थे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बागियों को जल्द पार्टी में शामिल करने की बात कही है।

कांग्रेस से निष्कासित 6 पूर्व विधायकों में करसोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक रहे मस्तराम, घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के कश्मीर सिंह, कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश, आनी से ईश्वर दास और देहरा से योगराज शामिल हैं। 
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विधानसभा चुनाव के लिए इस दिन लांच होगा कांग्रेस का कैंपेन 

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का कैंपेन दिल्ली से सोमवार को लांच होगा। नई दिल्ली में मोदी सरकार पर कांग्रेस के दिग्गज हमला बोलेंगे। इसके लिए कांग्रेस के राज्य प्रभारी सुशील कुमार शिंदे ने बाकायदा पत्रकार वार्ता बुलाई है। इसमें सीएम वीरभद्र सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। 

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह रविवार को नई दिल्ली पहुंच गए जबकि कांग्रेस के प्रभारी सुशील कुमार शिंदे पहले से ही नई दिल्ली में हैं। सुक्खू भी अपने निर्वाचन क्षेत्र नादौन से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उनके अलावा कई अन्य नेता भी नई दिल्ली पहुंच चुके हैं।

सूत्रों ने बताया कि शिंदे, वीरभद्र और सुक्खू दोपहर के वक्त नई दिल्ली में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता कर हिमाचल में चुनाव प्रचार की लांचिंग करेेंगे। इसके बाद आगामी रणनीति पर काम होगा। इससे पहले कांग्रेस के ये तमाम दिग्गज प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में मौजूद रहेंगे। 
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