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पालमपुर में 31 साल पहले पारित हुआ था अयोध्या के राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव

Wed, 05 Aug 2020 10:46 AM IST
अरविन्द ठाकुर विनोद राणा, अमर उजाला नेटवर्क, पालमपुर (कांगड़ा)
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- फोटो : अमर उजाला
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पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की नींव सुबह 11:30 से 12:30 बजे के मध्य  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे। यह दिन हिमाचल के कांगड़ा जिले के पालमपुर के लिए ऐतिहासिक होगा। कारण यह है कि 31 साल पहले राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पालमपुर में ही पारित हुआ था। पालमपुर में 11 जून, 1989 को अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और शांता कुमार ने राम मंदिर के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया।

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इस दिन राष्ट्रीय भाजपा कार्यसमिति की तीन दिन तक बैठक पालमपुर में हुई थी। इस तीन दिवसीय बैठक में राम मंदिर निर्माण को लेकर पार्टी ने मंथन किया और तय हुआ कि अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। शांता कुमार उस समय प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष थे। बैठक के तीसरे दिन जब लालकृष्ण आडवाणी ने सबकी सहमति से राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव रखा था तो अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने चिरपरिचित अंदाज में चुप होकर मुस्कराते हुए अपनी सहमति जताई थी। हिमाचल के पालमपुर में हुई इस बैठक के सूत्रधार रहे पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार उस समय प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष थे।

उन्होंने पालमपुर में भाजपा कार्यसमिति का न्योता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार का कहना है कि पालमपुर में जून 1989 में राम मंदिर बनाने का लिया गया संकल्प आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं। इससे उन्हें गर्व महसूस हो रहा है, क्योंकि राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पालमपुर में ही पारित हुआ था। उन्होंने कहा कि बैठक में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, विजयाराजे सिंधिया, मुरली मनोहर जोशी समेत पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पालमपुर में था। वाजपेयी, आडवाणी, सिंधिया को विशेष अनुमति से सेशन हाउस में ठहराया गया था। 

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केंद्र ने गिरा दी थीं पांच राज्यों की भाजपा समर्थित सरकारें

- फोटो : अमर उजाला
भाजपा कार्यसमिति में राम मंदिर निर्माण का प्रस्ताव पारित होने के बाद छह दिसंबर को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था। इसके कारण हिमाचल में शांता कुमार, राजस्थान में भैरों सिंह शेखावत, गुजरात में केशू भाई पटेल, मध्य प्रदेश में सुंदरलाल पटवा और यूपी में कल्याण सिंह की सरकारों को केंद्र सरकार ने केवल ढाई वर्षों के कार्यकाल के बाद ही बर्खास्त कर दिया था। 

टीवी न होने पर शांता के घर रामायण देखने पहुंच गईं थीं सिंधियां
1989 में टीवी पर धारावाहिक सीरियल रामायण चला हुआ था। सेशन हाऊस में टीवी न होने पर विजया राजे सिंधिया उनके घर टीवी पर रामायण देखने आ गई थीं। अटल और आडवाणी समेत सभी नेताओं ने शांता के घर नीचे बैठकर पतलों में कांगड़ी धाम खाकर मजा लिया था।

पालमपुर में कार्यसमिति की बैठक के बाद शिमला तक की पैदल यात्रा
शांता कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय भाजपा कार्यसमिति की बैठक के चौदह दिन बाद शिमला तक पैदल यात्रा की और लोग उनसे जुड़ते रहे। इस यात्रा के आयोजक उस समय प्रदेश मंत्री रहे महेंद्र नाथ सोफत थे। इसके बाद पार्टी को प्रदेश में 46 सीटें मिली थीं।
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