दिवाली की रात प्रदेश भर में आग लगने की घटनाओं में लाखों रुपये का नुकसान हो गया। वहीं, पटाखे चलाते वक्त करीब 32 लोग झुलस गए। इन्हें अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। शिमला में पंथाघाटी के समीप फर्नीचर की दुकान में आग लगने से करीब दस लाख के नुकसान का अनुमान है।
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इधर, कवालग के समीप मझार गांव में तीन कमरों का मकान और गौशाला राख हो गई। करीब पांच लाख का नुकसान बताया जा रहा है। शिमला में 28 लोग पटाखे चलाते समय झुलस गए। ऊना जिले में सात जगह आग लगने की घटनाएं हुईं। इनमें लाखों के नुकसान का अनुमान है। घालुवाल में प्रवासियों की 51 झुग्गियां जल गईं।
कई जगह मक्की के गट्ठे जल गए। पटाखे चलाते समय चार लोग झुलस गए। सोलन जिले में आगजनी की 14 घटनाएं हुईं। बीबीएन में 13.20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। पटाखे चलाने को लेकर कुछ लोग घायल जरूर हुए हैं। सोलन के सलोगड़ा, ओच्छघाट, टैंक रोड में जंगल और घासनी में आग से 37 हजार का नुकसान हुआ है।
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दून के विधायक राम कुमार चौधरी और उनके भाई नप अध्यक्ष चौधरी मदनलाल के मकान को भी आग की चपेट में आने से बचाया गया है। मकान के साथ खेतों में पटाखों से आग लगी। इसे बददी दमकल विभाग ने करीब एक घंटा खेतों में मक्की के टांडे में लगी आग को पानी डालकर बुझाया। इससे 2.50 लाख का नुकसान हुआ।
लाखों का सामान जलकर राख
एसजेवीएन कॉलोनी ज्यूरी में दीये से भड़की आग ने भयानक रूप ले लिया। रसोई में गैस सिलेंडर फटने से आसपास के आवासों को भी काफी क्षति पहुंची। घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। लाखों का सामान जलकर राख हो गया है। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में इलेक्ट्रॉनिकस की दुकान में आग लगने से दुकान में रखा सामान जल गया।
जिला हमीरपुर में करीब साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान हो गया है। सुजानपुर के री भलाणा में इलेक्ट्रॅनिक्स दुकान आग की भेंट चढ़ गई है। नादौन के जसाई में पशुशाला में आग भड़कने से करीब एक लाख और बड़सर के ननावां में पशुशैड में आग लगने से करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
फर्नीचर की दुकान और मकान राख
दिवाली की रात आग की दो बड़ी घटनाओं में लाखों की संपत्ति स्वाह हो गई। पंथाघाटी के समीप फर्नीचर की दुकान में आग से करीब दस लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इधर, कवालग के समीप मझार गांव में आग से तीन कमरों का मकान और गौशाला राख हो गई। यहां करीब पांच लाख का नुकसान बताया जा रहा है अग्निशमन विभाग की छोटा शिमला और मालरोड से गई टीम ने मौके पर पहुंचकर आग को काबू किया।
अग्निशमन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आधी रात को करीब 1:12 मिनट पर फायर कंट्रोल रूम में पंथाघाटी में पवन शर्मा की फर्नीचर (टिंबर डिपो) की दुकान में आग लगने की सूचना आई। जिस पर दोनों स्टेशनों से अग्निशमन विभाग के जवान मौके के लिए रवाना हुए। अपने उपकरणों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे।
करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। छोटा शिमला और माल रोड से अग्रसर प्रशामक पदम और माल रोड से फायर ऑफिसर संजीव कुमार की अगुवाई में गए बचाव दल ने आग पर काबू पाया और इसे आगे बढ़ने से रोका।
पटाखों को आग लगाते झुलस गए 28 लोग
दोनों स्टेशन के जवानों ने मिलकर आग पर काबू पाया। दूसरी घटना में कवालग के समीप मझार में एक मकान जल गया। इसमें तीन कमरों सहित सारा सामान और गौशाला भी जल गई। स्थानीय लोगों ने गौशाला में बंधी गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
अग्निशमन विभाग को 7:46 मिनट पर पर आग लगने की सूचना मिली। जिस पर छोटा शिमला फायर स्टेशन से बचाव दल गया, मगर गांव तक रास्ता न होने के कारण गाड़ियां नहीं जा पाई, जिससे अग्निशमन कर्मी पैदल गांव तक पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से ही संपत्ति को बचाने का प्रयास किया।
मिडल बाजार में भोजनालय के बाहर सुलगी आग
माल रोड के समीप मिडल बाजार में भोजनालय के बाहर घास के सजावटी सामान में आग सुलग गई। इससे वहां अफरातफरी मच गई। घटना स्थल से फायर कंट्रोल रूम नजदीक होने पर जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पा लिया, जिससे इसमें कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।
दिवाली पर पटाखे जलाते हुए 28 लोग झुलस गए। पटाखे जलाने में लापरवाही के चलते बच्चे और युवा चपेट में आए। प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें छुट्टी दे दी गई। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल की इमरजेंसी में यह लोग पहुंचे। अनार और चकरी खराब होने के कारण हादसे हुए। रोशनी वाले पटाखे जलाने के दौरान धमाके के साथ फट गए।
इससे लोगों को चोटें आईं। डीडीयू अस्पताल में 27 लोग उपचार के लिए आए। जिसमें 5 बच्चे और 22 युवा शामिल थे। ओल्ड बस स्टैंड, गंज बाजार, कृष्णानगर, समरहिल और घोड़ा चौकी से अधिकतर मामले आए। आईजीएमसी में भी एक बर्न केस पहुंचा। डीडीयू अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रंजना राव ने बताया कि जितने भी मामले अस्पताल पहुंचे, सभी को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया।
दिवाली की रात 85 साल बुजुर्ग परिवार सहित बेघर हो गया। एक ही रात में इसका सात सदस्यीय परिवार बिना छत के हो गया। तीन कमरे और एक गौशाला जलकर राख हो गई। अब उसके पास अपने और अपने परिवार के लिए सिर्फ एक कमरा और एक किचन ही बचा है, इसी में उसे गुजारा करना पड़ रहा है। करीब सवा सात बजे अचानक मकान में आग लग गई।
कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। जिस समय हादसा हुआ, उस समय घर पर दो सदस्य मौजूद थे। पंचायत प्रधान पुजारली विनती ने अपनी तरफ से पीड़ित परिवार को फौरी राहत के रूप में कुछ नकदी और दो कंबल दिए। इधर उपमंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण जीएस नेगी के आदेशों पर सोमवार को मौके पर पहुंचे कानूनगो ने भी दस हजार नकद राशि भगत राम को दी है।
घटना के दौरान आसपास के घरों से लोग मदद को पहुंच गए। मकान के घर से दूर होने के कारण बचाव कार्य में बाधा आई, अग्निशमन विभाग के छोटा शिमला स्टेशन से भी टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य किया, मगर जो घर का हिस्सा बचा, वह घर के समीप बने टैंक से पानी की लाइन जोड़ने पर बच पाया। जिला परिषद सदस्य मदन ठाकुर ने जिला प्रशासन से मांग की है कि भगत राम को हर संभव मदद दी जाए।