राज्य बिजली बोर्ड से डेपुटेशन लेकर पावर कारपोरेशन और ट्रांसमिशन कारपोरेशन में पदोन्नतियां लेने के लिए जाने वाले अफसरों पर शिकंजा कस गया है। बोर्ड प्रबंधन ने नियमों में बदलाव करते हुए स्पष्ट किया है कि डेपुटेशन से दो साल पहले लौटने वाले अफसरों की पदोन्नतियां रद्द कर दी जाएंगी।
बिजली बोर्ड ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने डेपुटेशन नियमों को सख्त करते हुए नया प्रावधान किया है कि पावर कारपोरेशन और ट्रांसमिशन कारपोरेशन में जो भी अधिकारी जाएगा, उसे दो साल तक वहीं पर काम करना होगा।
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार पावर कारपोरेशन और ट्रांसमिशन कारपोरेशन में पदोन्नियां लेने के लिए बिजली बोर्ड से कई अधिकारी अपना डेपुटेशन करवा रहे हैं। पदोन्नियां मिलते ही यह अधिकारी थोड़े से समय के भीतर बोर्ड में वापस आ जाते हैं। बोर्ड अधिकारियों की इस कारगुजारी पर लगाम लगाने के लिए प्रबंधन ने डेपुटेशन के नियम सख्त कर दिए हैं।