राज्य बिजली बोर्ड में विभिन्न श्रेणियों के 1840 पद भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश में उपचुनावों के चलते लगी आचार संहिता के कारण मामला लटक गया था। बुधवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने बताया कि टीमेट, लाइनमैन सहित कनिष्ठ व सहायक अभियंताओं के पद भरे जाने हैं।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों का ईपीएफ नहीं काटने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी कंपनियों को पत्र जारी कर नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति निर्धारण का फैसला लिया है। कैबिनेट की ओर से बनाई गई कमेटी के वे भी सदस्य हैं। जल्द ही सभी विभागों, निगम और बोर्डों से ब्योरा एकत्र होने के बाद कमेटी बैठक करेगी।
बर्फबारी से प्रदेश में गिरा बिजली उत्पादन
चौधरी ने कहा कि प्रदेश में बिजली उत्पादन में कमी आई है। प्रदेश के अधिकांश हाइड्रो प्रोजेक्ट स्नो बाउंड एरिया में लगे हैं। वहां उत्पादन कम हो गया है। पड़ोसी राज्यों को गर्मियों में दी बिजली अब वापस ली जा रही है। प्रदेश में बिजली उत्पादन 335 लाख यूनिट से घटकर 70 लाख यूनिट प्रतिदिन पहुंच गया है। प्रदेश में बिजली संकट की कोई स्थिति नहीं है। जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों से बिजली की खरीद भी की जाएगी।
नई तकनीक से लगाए जाएंगे बिजली प्रोजेक्ट
प्रदेश में अब बिजली परियोजनाओं को नई तकनीक से लगाया जाएगा। इस तकनीक का इस्तेमाल करने से पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि पांच मेगावाट से कम क्षमता वाले बिजली प्रोजेक्टों को स्थापित करने के लिए सरकार ने नियमों को सरल किया है। जल्द ही इन परियोजनाओं का आवंटन किया जाएगा।