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हजारों पीटीए शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ी, समिति की रिपोर्ट में भी यही तथ्य

Mon, 17 Dec 2018 01:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में हजारों पीटीए शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन शिक्षकों को नियमित करने की प्रक्रिया में सर्वोच्च न्यायालय के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश आड़े आ गए हैं। पिछले दिनों प्रदेश विधानसभा की मानव विकास समिति की ओर से भी यही तथ्य सदन के पटल पर रखा है।
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इस समिति ने पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के इन शिक्षकों को नियमित करने की नीति बनाने के आश्वासन को सशर्त खत्म करने की सिफारिश की है। सिराज के तत्कालीन विधायक रहे वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ही 27 अगस्त 2013 को सदन में उस समय के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस बारे में प्रश्नकाल में सवाल पूछा था।
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इस पर वीरभद्र सिंह ने कहा था कि इनको सरकारी नौकरी दी जाएगी, क्योंकि ये पीटीए के मुलाजिम हैं। पहले इनको अनुबंध पर लिया जाएगा। उसके बाद वे कांट्रैक्ट पर आठ-दस साल नहीं रहेंगे। साल-डेढ़ साल बाद इनको नियमित कर दिया जाएगा। पीटीए शिक्षकों के तजुर्बे को देखते हुए उन्हें शीघ्रता से नियमित किया जाएगा।
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इस आश्वासन के बारे में मानव विकास समिति ने विभाग से पूछा तो लिखित उत्तर में बताया गया कि उच्चतम न्यायालय ने इस बारे में यथास्थिति बनाए रखने को कहा है। जैसे ही कोई निर्णय आएगा, इस बारे में समिति को अवगत करवाया जाएगा। इस पर समिति की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में होने के कारण इस पर निर्णय नहीं लिया जा सकेगा। इस आश्वासन को इस तथ्य के साथ ही सशर्त समाप्त किया गया।
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