एडिशनल एसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर के नेतृत्व वाली जांच टीम ने सोशल मीडिया व अन्य एजेंसियों के पास उपलब्ध पन्नू की आवाज के सैंपल को हिमाचल में रहने वालों के पास आई कॉल में दर्ज आवाज से फॉरेंसिक मिलान के लिए भेजा था। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट जांच टीम के पास पहुंच गई है।
खालिस्तान समर्थक एवं सिख फार जस्टिस संगठन (एसएफ जे) के कर्ताधर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ स्टेट साइबर क्राइम पुलिस की चल रही जांच में इस बात की पुष्टि हो गई है कि कॉल में दर्ज आवाज पन्नू की ही थी। एडिशनल एसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर के नेतृत्व वाली जांच टीम ने सोशल मीडिया व अन्य एजेंसियों के पास उपलब्ध पन्नू की आवाज के सैंपल को हिमाचल में रहने वालों के पास आई कॉल में दर्ज आवाज से फॉरेंसिक मिलान के लिए भेजा था। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट जांच टीम के पास पहुंच गई है। जांच में यह भी पता चला है कि सभी कॉल अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के पते से की गई थी। जांच एजेंसी ने अब मामले में चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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उल्लेखनीय है कि पन्नू ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को धमकी दी थी कि वह उन्हें 15 अगस्त को तिरंगा नहीं फहराने देगा। यह संगठन भारत में देश विरोधी गतिविधियां चलाने के आरोप में 10 जुलाई 2019 से प्रतिबंधित है। पन्नू की ओर से पत्रकारों व हिमाचल के कई नागरिकों को धमकी भरे ऑडियो संदेश भेजे गए थे। 56 सेकेंड के संदेश में कहा गया कि एसएफ जे मुख्यमंत्री को तिरंगा नहीं फहराने देगा। साथ ही पंजाब के बाद हिमाचल को भी कब्जे में लेने की बात कही गई थी। आंदोलनरत किसानों से भी मुख्यमंत्री को तिरंगा न फहराने देने के लिए भड़काने का प्रयास किया गया था। मामला सामने आने के बाद डीजीपी संजय कुंडू के आदेश पर पन्नू के खिलाफ शिमला के साइबर थाने में 31 जुलाई को राजद्रोह (सेडिशन अंगेस्ट स्टेट) व आईटी एक्ट समेत कई और धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।