प्रदेश कांग्रेस महासचिव रितेश कपरेट
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प्रदेश कांग्रेस महासचिव रितेश कपरेट ने आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले को हिमाचल के बागवानों से धोखा करार दिया है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर हिमाचल सरकार आपदा की इस स्थिति में प्रदेश के हर वर्ग के लोगों का ध्यान रख रही है, वहीं लोकप्रिय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बागवानों का ध्यान रखते हुए डेढ़ रुपये समर्थन मूल्य बढ़ाया है। सरकार ने पूर्व में समर्थन मूल्य महज 25 और 50 पैसा बढ़ाया है।
केंद्र सरकार से आग्रह है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। कपरेट ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने किलो के हिसाब से सेब खरीदने का भी ऐतिहासिक फैसला बागवानों के हितों को ध्यान में रखकर लिया है। प्रदेश सरकार का दृढ़ संकल्प यह भी दर्शाता है कि बागवानों का सेब समय पर बाजार पहुंचाने के सीएम ने आदेश दिए, जिस पर अमल हुआ।
वहीं, अमेरिकी सेब पर 15 फीसदी आयात शुल्क के आरोपों से हिमाचल के बागवानों में हड़कंप मच गया है। बागवानों का कहना है कि अगर ऐसा होता है तो हिमाचल में सेब बागवानी तबाह हो जाएगी। मंगलवार को कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने दिल्ली में दावा किया कि जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने निर्णय लिया है कि वाशिंगटन एप्पल पर सिर्फ 15 फीसदी आयात शुल्क लगेगा।
जून में पीएम मोदी ने आयात शुल्क 70 से घटा कर 50 फीसदी कर दिया था। इस आरोप के बाद बागवानों में चिंता बढ़ गई है। हिमाचल के प्रीमियम क्वालिटी सेब से वाशिंगटन एप्पल की सीधी स्पर्धा होती है। अगर वाशिंगटन एप्पल पर आयात शुल्क घटा दिया जाएगा तो यह देश के बाजारों में सस्ता बिकेगा, जिससे हिमाचली सेब को अच्छे दाम नहीं मिलेंगे।