अपने आलोचकों से चुनावी रणभूमि में उतरकर लड़िये, उनका डटकर मुकाबला करिए, उनकी नीतियों और कार्यशैली पर बेशक हमला करिए यही लोकतंत्र होता है। मगर इस तरह देश की सारी संस्थाओं की ताकत का अपने राजनीतिक मकसद को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करना, दबाव डालकर उन्हें कमज़ोर करना लोकतंत्र के हर उसूल के खिलाफ है।
प्रियंका ने लिखा कि देश के विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गये हैं, तमाम राजनीतिक दलों और उनके नेताओं पर ईडी, सीबीआईI, आईटी का दिन रात दबाव है, एक मुख्यमंत्री जेल में डलवा दिए गए हैं, अब दूसरे मुख्यमंत्री को भी जेल ले जाने की तैयारी हो रही है। ऐसा शर्मनाक दृश्य भारत के स्वतंत्र इतिहास में पहली बार देखने को मिल रहा है। बुधवार शाम को प्रियंका गांधी शिमला स्थित अपने निजी आवास में आई हुई हैं।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, जो भाजपा में नहीं जाएंगे, वे जेल जाएंगे। तानाशाही चरम पर है। सनद रहे, अहंकार ईश्वर का भोजन है। हम सब तानाशाही के खिलाफ एकजुट हैं।