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Shimla News: आदेशों की अनदेखी, निजी स्कूलों में लिए जा रहे बच्चों के इंटरव्यू

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छात्र-अभिभावक मंच के सदस्यों ने की कार्रवाई की मांग, छोटी कक्षाओं में बीस से अधिक बच्चों को दिए जा रहे हैं दाखिले
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इंटरेक्शन के बहाने बच्चों को बुलाया जा रहा स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सरकार के सख्त आदेश के बावजूद शिमला शहर में कई निजी स्कूल छोटे बच्चों के प्रवेश के समय इंटरव्यू और लिखित परीक्षा ले रहे हैं। अभिभावकों ने शिकायत की है कि कई स्कूल एंट्रेंस इंटरव्यू या इंटरेक्शन के बहाने पर बच्चों को बुला रहे हैं। गौरतलब है कि नए शैक्षणिक सत्र के लिए अभी से स्कूलों में दाखिले शुरू हो गए हैं। छात्र-अभिभावक मंच के सदस्यों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।

कुछ स्कूलों में तो पहले से ही एक कक्षा में बीस से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं फिर भी नए दाखिले दिए जा रहे हैं।
यह महिला एवं बाल विकास विभाग और उपायुक्त कार्यालय शिमला के आदेश की सीधी अवहेलना है। उपायुक्त ने 31 अक्तूबर को सभी स्कूलों को आदेश दिए थे कि किसी भी प्ले स्कूल, डे केयर, नर्सरी या किंडरगार्टन में प्रवेश के समय बच्चों से कोई टेस्ट या इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा। आदेश में यह भी कहा था कि तीन से छह साल के उम्र के बच्चों के लिए एक कक्षा में अधिकतम संख्या बीस रहेगी। सरकार ने यह भी तय किया है कि स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित और साफ-सुथरा माहौल होना चाहिए। हर केंद्र में प्रशिक्षित शिक्षक, पीने के पानी की सुविधा, बच्चों के अनुकूल शौचालय, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था जरूरी है। साथ ही स्कूलों में बाल हेल्पलाइन नंबर 1098 और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी भी प्रदर्शित की जानी चाहिए।
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अभिभावकों और समाजसेवियों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई संस्था बच्चों पर इस तरह का दबाव न बना सके। छात्र-अभिभावक मंच के संयोजक विजेंदर ने कहा कि यह निजी स्कूलों की दादागिरी है और शिक्षा के अधिकार की अवहेलना है। नर्सरी और केजी के इतने छोटे बच्चों के इंटरव्यू लेना न केवल गलत है बल्कि उनके आत्मविश्वास पर भी असर डालता है। शुरुआती शिक्षा का उद्देश्य बच्चों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाना होना चाहिए न कि उन्हें तनाव में डालना।



कोट
इस संबंध में सभी स्कूलों को सर्कुलर जारी किया है। गुणवत्ता पूर्व शिक्षा देने के लिए सरकार कदम उठा रहे है।
अनुपम कश्यप, डीसी शिमला
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