सूबे के सभी निजी डॉक्टरों को अब टीबी मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य महकमे को देनी होगी। ऐसा न करने की सूरत में डॉक्टर पर केस दर्ज हो सकता है। इसमें छह साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
स्वास्थ्य विभाग सूबे के सभी जिलों में मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के तहत जागरूकता कार्यशालाओं में इसकी जानकारी दे रहा है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल में एक लाख लोगों में से 268 व्यक्ति टीबी रोग से ग्रस्त हैं।
वर्तमान समय में सूबे में 16000 टीबी रोगी हैं, जिनमें लगभग 500 एमडीआर स्टेज पर हैं। 16 हजार में से छह हजार निजी अस्पतालों में उपचार करवा रहे हैं। इनके बारे में स्वास्थ्य विभाग अब पूरी जानकारी जुटा रहा है।
प्रदेश क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आरके बारिया ने कहा कि सूबे के सभी निजी डॉक्टरों को मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के बारे में बताया जा रहा है। उसके बाद भी अगर कोई डॉक्टर टीबी रोगी की जानकारी विभाग को नहीं देता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।