40 किलोमीटर से अधिक दूरी की बसों को पुराना बस स्टैंड की जगह आईएसबीटी से चलाने की उठाई मांग
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संघ ने चेताया, मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल अमर उजाला ब्यूरो शिमला। एचआरटीसी की 40 किलोमीटर से अधिक दूरी की बसों के शहर में दाखिल होने के विरोध में सोमवार को निजी बसों की हड़ताल रही। इस दौरान शहर में सभी 106 निजी बसें नहीं चलीं।
शिमला सिटी प्राइवेट बस चालक-परिचालक संघ और शिमला सिटी निजी बस ऑपरेटर संघ ने बसों को आरटीओ कार्यालय के बाहर खड़ी करके प्रदर्शन किया। निजी बस चालक परिचालक संघ ने चेताया कि जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। संघ ने एचआरटीसी पर नियमों की अवहेलना कर बसों के संचालन के आरोप भी लगाए। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि एचआरटीसी की लंबी दूरी की बसों का संचालन पुराना बस अड्डे से होने के कारण शहर में ट्रैफिक जाम लग रहा है। इस वजह से निजी बसों के रूट फेल हो रहे हैं तो वहीं शहरवासियों को ट्रैफिक से जाम से जूझना पड़ रहा है।
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प्रदर्शन के दौरान चालक-परिचालकों और निजी ऑपरेटरों ने एचआरटीसी के खिलाफ नारेबाजी भी की। निजी बस ऑपरेटर और चालक-परिचालक इसके बाद मामले को लेकर परिवहन विभाग के अधिकारियों से भी मिले और उपायुक्त शिमला की वर्ष 2011 की अधिसूचना लागू नहीं होने के बारे में जानकारी दी। शिमला सिटी प्राइवेट बस ऑपरेटर संघ के महासचिव सुनील चौहान ने कहा कि एचआरटीसी पिछले 14 सालों से नियमों को ताक पर रखकर शहर में बसों का संचालन कर रही है। इस वजह से ट्रैफिक जाम लगने के कारण निजी बस ऑपरेटरों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग ने एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक को आदेशों की अनुपालना को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके बावजूद एचआरटीसी लंबी दूरी की बसों को पुराना बस स्टैंड लेकर आ रहे हैं। शिमला सिटी प्राइवेट बस चालक-परिचालक संघ के अध्यक्ष रूपलाल ने बताया कि एचआरटीसी मनमाने रूट पर चल रहा है। लंबी दूरी की बसों का संचालन पुराना बस अड्डा से किया जा रहा है। इसको लेकर वह कई बार संबंधित अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन उनकी मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। जब तक उनकी सभी मांगे पूरी नहीं होंगी तो उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
मांगें नहीं मानी तो लंबी दूरी की निजी बसें भी पुराना बस अड्डे आएंगी
हिमाचल निजी बस ऑपरेटर संघ ने चेतावनी दी है कि अगर एचआरटीसी की 40 किमी से लंबी दूरी की बसों को ओल्ड बस स्टैंड से हटाकर सीधा आईएसबीटी से संचालन नहीं किया तो ऊपरी शिमला और निचले शिमला की लंबी दूरी और ग्रामीण क्षेत्र से शिमला आने वाली बसे भी पुराना बस स्टैंड ही आएंगी। निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा कि एचआरटीसी कानून ताक पर रखकर बिना रूट परमिट और बिना टाइम टेबल के शिमला शहर में बसें चला रहा है। इससे न केवल निजी बस ऑपरेटरों को घाटा उठाना पड़ रहा है बल्कि शिमला में जाम का मुख्य कारण भी यही बसें हैं।