बिलासपुर। जिले में 305 निजी बसें नहीं चलेंगी। मांगों को लेकर निजी बस ऑपरेटरों ने सोमवार से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि कोरोना के कारण हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि बसों को खड़ा करने की नौबत आ गई है। बसों को सड़कों पर उतारना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।
जिला निजी बस ऑपरेटर यूनियन के पूर्व प्रधान अनिल कुमार मिंटू सहित निजी बस मालिकों रमेश ठाकुर, सन्नी, सुनील शर्मा, पंकज, सुशील, संघर्ष समिति के प्रधान अमरजीत सेन, चुनी लाल, रिशू, सुरेश ठाकुर, चमन शर्मा, पंकज शर्मा, सरबजीत, वीरेंद्र, केहर सिंह, रामलाल, रामलाल शर्मा, महेंद्र, सुशील, चमन, दीपक और जगदीश ने बताया कि वर्चुअल बैठक हुई है। इसमें तय किया गया कि निजी बस ऑपरेटर तीन मई से अपनी बसों को नहीं चलाएंगे। जनता को होने वाली असुविधा के लिए सरकार जिम्मेवार होगी। सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए 50 प्रतिशत सवारियां बैठाने के आदेश दिए है। इससे डीजल का खर्चा भी नहीं निकल रहा है। हर रोज घाटा हो रहा है। अब तो बस ऑपरेटरों के परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट आ गया है।
अनिल कुमार ने बताया कि सरकार से पिछले साल कोरोना महामारी के दौरान टैक्स में 3 माह तक छूट प्रदाना की थी। इसके बाद कोरोना संक्रमण बढ़ता गया। सरकार ने 50 फीसदी सवारी के हिसाब से रूट पर बसें चलाने का आदेश दिया और शतप्रतिशत सवारी का टैक्स वसूलना शुरू कर दिया जो कि किसी लिहाज से तर्कसंगत नहीं है। सरकार को टैक्स देना नामुमकिन है। जब भी सरकार के समक्ष राहत की गुहार लगाई तो आश्वासन ही मिला कि अगली कैबिनेट बैठक में फैसला करेंगे। लेकिन आज दिन तक कोई फैसला नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यदि टैक्स माफी कर राहत दी जाती है तभी वे बसों को सड़कों पर उतारेंगे।