शिमला जिले के रामपुर में खनेरी अस्पताल के पास एक निजी बस अनियंत्रित होकर तीन सौ मीटर गहरी खाई में गिर गई। बुधवार सुबह करीब पौने नौ बजे हुए इस हादसे में 28 लोगों की मौत हो गई।,
जबकि आठ घायल हो गए। बस में 37 लोग सवार थे जिनमें 25 की मौके पर ही मौत हो गई। एक ने रास्ते में और दो ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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हादसे में घायल 8 लोगों में से पांच खनेरी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया है। घायलों में बस चालक और परिचालक भी शामिल हैं।
पुलिस को दिए बयान में चालक ने बताया कि कार को पास देते हुए बस की कमानी (पट्टे) टूटने की आवाज आई और बस पेड़ को तोड़ते हुए खाई में जा गिरी।
नहीं हो सकी 8 मृतकों की शिनाख्त
पुलिस ने चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे का शिकार हुए लोगों में 9 महिलाएं और एक बच्ची भी शामिल हैं। मृतकों में 12 किन्नौर, पांच शिमला और दो हमीरपुर जिले के हैं। अभी 8 मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी है।
रिकांगपिओ से वाया शिमला सोलन जा रही किनफेड सहकारी सभा की बस (एचपी 25- 0335) बुधवार सुबह 8.45 बजे खनेरी अस्पताल के पास गहरी खाई में जा गिरी। जोरदार धमाके के बाद बस के खाई में गिरते ही उसके दो टुकड़े हो गए। हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई। खाई में जहां तक दिख रहा था लाशें ही बिखरी हुई थीं।
बस में फंसे लोगों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से शव और घायलों को सड़क तक पहुंचाया गया। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को दस-दस हजार और घायलों को पांच-पांच हजार रुपये फौरी राहत दी गई है।
चालक-परिचालक की जुबानी
बस चालक जगदीश ने अमर उजाला को बताया कि जैसे ही उसने कार को पास दिया बस की कमानी टूटने की जोरदार आवाज आई और गाड़ी सड़क से बाहर हो गई। इस बीच सवारियां डर कर चिल्लाने लगीं।
मैंने उन्हें न डरने के लिए कहा। बस अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। तब तक मैंने स्टेयरिंग पकड़ा हुआ था। पेड़ को तोड़ कर बस के खाई में गिरने के बाद मुझे कुछ पता नहीं चला।
मैं भी बस के साथ ही खाई में गिर गया। परिचालक रामकृष्ण ने बताया कि धमाके से बस का टायर भी फट गया था। बस घिसटकर सड़क से बाहर निकल गई। आधी खाई में मैं गिर गया। घायल अवस्था में खुद ही एनएच तक पहुंचा और राहत के लिए फोन किया।
हादसे में इनकी गई जान
हादसे में किन्नौर के जितेंद्र कुमार (32), कमला देवी (60), शांति देवी (25), सोनिका (4), निशा (37) लीला देवी, निखिल (26), राम किशन, शेंरिग, अरविंद कुमार, रीना (26) और कौशल्या की जान चली गई।
रामपुर की रीता देवी, लीला देवी (39), सेवा राम (18) और श्याम लाल (46), रोहड़ू के प्रताप (42), दलाश के राम किशन (40) के अलावा हमीरपुर के राजीव राणा (24) और सत्या देवी की भी मौत हो गई। तिलक राज पुत्र अचरू राम गांव बाल्कनी, जम्मू कश्मीर भी हादसे का शिकार हो गया।