टूर्नामेंट खत्म होने के बाद सरकारी स्कूल की छात्राएं बिनी किसी शिक्षक के संरक्षण में अकेले ही घर भेज दी गईं। जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं होना चाहिए। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर बस में कोई भी शिक्षक सवार नहीं था।
ऐसे में प्रश्र उठ रहे हैं कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर आखिर कैसे छात्राओं को अकेले भेज दिए गया। उधर, उपनिदेशक अशोक शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। बिना किसी शिक्षक के विद्यार्थियों को इस तरह से नहीं भेजा जा सका। अगर कोताही निकली तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी।
बस चालक पवन कुमार का कहना है कि जड़ोल में जैसे ही वह पहुंचा तो उसने बस को ब्रेक लगाने की कोशिश की। लेकिन बस में ब्रेक नहीं लगी। हादसे से बचने के लिए उसने बस पर नियंत्रण करना चाहा, लेकिन हुआ नहीं। उसने मजबूरन बस को पहाड़ की तरफ मोड़ा। पहाड़ी से टकराने के बाद बस पलट गई।
घायलों की सूची- घायलों में स्कूली छात्रा दया (15) पुत्री रतन लाल गांव खुराहल डैहर, कल्पना (16) पुत्री जय सिंह गांव बनीहन ध्वाल, वंदना (16) पुत्री किशन सिंह गांव बनीहन ध्वाल, कोमल (17) पुत्री राज कुमार गांव बाड़ी ध्वाल, ऋषि (16) पुत्री राजेंद्र कुमार गांव ध्वाल, रक्षा (14) पुत्री तुलसी राम गांव रोपा ध्वाल, कुसम (15) पुत्री राजकुमार गांव बाड़ी ध्वाल।
शैली (15) पुत्री संदीप कुमार गांव खुराहल, प्रियंका (15) पुत्री जीत राम गांव रोपा ध्वाल, सविता (15) पुत्री संदीप कुमार गांव खुराहल, वंदना (17) पुत्री खेम राज गांव एनीषा ध्वाल, आंचल (17) पुत्री देश राज गांव पधाना ध्वाल सहित दीपक कुमार (22) पुत्र जय लाल गांव ननावां, बस चालक पवन कुमार (28) पुत्र रोशन लाल गांव हराबाग, बस परिचालक रवि कुमार (32) पुत्र भाग सिंह गांव सोहर बरोटी शामिल हैं। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।