अधिनियम के तहत कुछ ही चीजों को प्रदेश में शुरू किया गया। शेष को सरकारें और शिक्षा विभाग भूल गए। इस लापरवाही के चलते ही प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी जारी है। सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए कोई मानक तय नहीं हैं।
स्कूलों का पंजीकरण तक नहीं हो रहा है। जगह-जगह स्कूल खोल दिए गए हैं। अब जयराम सरकार ने इन सब कमियों को दूर करने का फैसला लिया है। सरकार के आदेशानुसार शिक्षा सचिव इन दिनों आरटीई अधिनियम को स्टडी कर रहे हैं।
शिक्षा सचिव के आदेशानुसार इन दिनों प्रदेश में स्थित सभी स्कूलों की जीओ मैपिंग की जा रही है। इस कार्य के पूरा होने से पता चल सकेगा कि कितनी-कितनी दूरी पर स्कूल स्थित हैं।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 प्रदेश में पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है। इस संदर्भ में प्रदेश सरकार से जल्द मामला उठाया जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही संबंधित विभागों को अधिनियम के तहत सख्ती से काम करने के आदेश जारी किए जाएंगे। - अरुण शर्मा, शिक्षा सचिव हिमाचल सरकार