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तो इस कैदी ने रची कंडा जेल से भागने की साजिश, पुलिस पूछताछ में खुलासा

Mon, 11 Dec 2017 04:14 PM IST
विजय खाची /अमर उजाला, शिमला
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कंडा जेल शिमला से फरार हुए तीन कै‌दियों को पकड़ने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। पकड़े गए कैदियों ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि जेल से भागने की साजशि में कौन-कौन शामिल थे।
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कंडा जेल से फरार होने के लिए हत्या और दुराचार केस के तीन नहीं बल्कि पांच आरोपियों ने जेल की सलाखें काटकर भागने की साजिश रची थी। तीनों नेपाली मूल के कैदी अपने दो साथियों को छोड़कर जेल से फरार हो गए। 

तीनों कैदियों ने जिस दिन जेल से फरार होने की वारदात को अंजाम दिया, उस दिन उनके दो साथी कैदियों को पुलिस कोर्ट में पेश करने के लिए रामपुर और कुल्लू ले गई थी। बैरक की खिड़की का सरिया काटने में इस्तेमाल ब्लेड को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
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जेल से ऐसे फरार हुए कैदी

पुलिस टीम कैदी लीलाधर को अपने साथ कंडा जेल ले गई। जेल पहुंचने पर कैदी पुलिस टीम को टॉयलेट के पास ले गया, जहां जंग लगे दरवाजे के बीच से लिफाफे में लिपटे ब्लेड को निकाला। कैदी बैरक की खिड़की का तीसरा सरिया काट कर फरार हुए थे। 

पांचों कैदी करीब डेढ़ हफ्ते से थोड़ा-थोड़ा कर सरिया काट रहे थे। बाकी कैदियों को पता न चले, इसलिए आरती के समय एक कैदी बैरक में रुक कर सरिया काटता था। तीनों कैदियों ने पुलिस जांच में जेल से भागने को लेकर बनाई गई पूरी प्लानिंग का खुलासा किया। 

ब्लेड जेल में कैदियों के पास कैसे पहुंचा इस का पता लगाने के लिए पुलिस टीम जेल में बंद कैदियों के दो साथियों से पूछताछ करेगी। तीनों कैदियों को कोर्ट में पेश किया गया।

कौन है किशन खतरी 

चरस के मामले में सजा काट रहे नेपाली मूल का किशन खतरी जेल से भागने के प्लान का मास्टर माइंड था। इसी ने सबसे पहले जेल से भागने की साजिश रची। खतरी ने एक-एक कर चारों कैदियों को जेल से भागने का प्लान बताया। 

चारों कैदी खतरी के  प्लान से प्रभावित हुए और सभी ने जेल से भागने के लिए हामी भरी। फरार होने के लिए कैदियों ने जेल में सरिया काटने के लिए ब्लेड का प्रबंध किया। 

कैदियों के हाथों में ब्लेड आने पर उन्होंने हर रोज शाम को आरती के समय महज 5 मिनट के लिए सरिये में साबुन लगाकर धीरे धीरे उसे काटना शुरू किया। लेकिन जिस दिन सरिया पूरी तरह से कटा, उस दिन मास्टर माइंड खतरी को कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस रामपुर ले गई थी।    
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वेल्डिंग न टूटती तो पांच कैदी होते फरार 

जेल के बैरक की वेल्डिंग न टूटती तो तीन नहीं जेल से पांच कैदी फरार हो जाते। पांचों कैदियों ने बैरक की खिड़की का तीसरा सरिया दोनों तरफ से काट कर जेल से फरार होने की योजना बनाई थी। जब सरिया एक तरफ से पूरा कट गया तो कैदियों ने दूसरे किनारे से सरिया काटने का कार्य शुरू किया।

जब कैदी दूसरी तरफ से सरिया आधा काट चुके थे तो एक कैदी ने सरिये को तोड़ने की कोशिश की जिसमें सरिया लोहे के एंगल के साथ हुई वेल्डिंग से टूट गया। सरिये के वेल्डिंग से टूटने पर जेल में मौजूद तीनों कैदी अपने दो साथियों को छोड़कर 5 दिसंबर को भाग गए। 
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