प्रिंसिपल अब विभिन्न मदों में उपलब्ध राशि को पुनः विनियोजन कर सकते हैं। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि हर वर्ष विभिन्न मदों से प्राप्त कुल फंड का 85 प्रतिशत उसी वर्ष खर्च किया जाए। कई स्कूलों में वर्षों से अनुपयोगी पड़े फंड को अब स्कूल के उन्नयन में उपयोग करने की अनुमति दी गई है। इन फंडों का उपयोग कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, शौचालयों, खेल मैदानों और अन्य सुविधाओं के विकास में किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता शिक्षा को बेहतर बनाना ही इस व्यय का मुख्य उद्देश्य होगा। जिन विद्यालयों में आवश्यक कार्यों के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं है, उन्हें अपने कार्यों के अनुसार अनुमानित प्रस्ताव पांच दिनों के भीतर निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित उप निदेशक बजटीय आवश्यकताओं की जांच कर यह प्रमाणित करेंगे कि प्रस्तावित कार्यों के लिए उनके पास कोई वैकल्पिक फंड उपलब्ध नहीं है। निदेशालय सभी प्रस्तावों की समीक्षा कर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान करेगा।
निदेशालय तैयार करेगा सीबीएसई संबद्धता के लिए एकीकृत वेबसाइट
शिक्षा निदेशालय को सीबीएसई संबद्धता प्रक्रिया के लिए एक संयुक्त वेबसाइट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां चयनित विद्यालयों के सभी दस्तावेज अपलोड किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रत्येक विद्यालय को बाद में खुद की वेबसाइट तैयार करनी होगी, जैसा सीबीएसई मानकों में अपेक्षित है। शिक्षा निदेशालय को सीबीएसई संबद्धता के लिए चयनित स्कूलों में मौजूद अवसंरचनात्मक कमियों की पहचान करने और आवश्यकता पड़ने पर सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।
संयुक्त आवेदन करेंगे लड़कियों और लड़कों के स्कूल
प्रदेश के जिन क्षेत्रों में लड़कियों और लड़कों के स्कूल पास-पास स्थित हैं और दोनों को सीबीएसई संबद्धता के लिए चुना गया है, उन्हें एक इकाई के रूप में आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों में पीएमश्री या आईओई स्कूल को लीड स्कूल बनाया जाएगा, जो दोनों संस्थानों के लिए पूरी संबद्धता प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
31 अक्तूबर तक पूरी हो प्रक्रिया, लापरवाही पर कार्रवाई
सभी स्कूलों को 15 अक्तूबर तक सारस 6.0 पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू करने और 31 अक्तूबर तक इसे पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसे शीर्ष प्राथमिकता बताया गया है। निर्धारित समयसीमा का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। सभी प्रिंसिपलों को निर्देशित किया गया है कि वे समय-समय पर सीबीएसई की वेबसाइट और सारस 6.0 कॉर्नर पर अपडेट्स, संशोधन और दिशानिर्देशों की जानकारी लेते रहें ताकि संबद्धता प्रक्रिया में कोई त्रुटि न हो।