मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव एक्ट के प्रावधान के अनुसार किए जाते हैं। कोविड मामले अगर इसी प्रकार रहे तो मतदान वाले दिन सामाजिक दूरी बनाए रखने के मामले में चुनाव आयोग से चर्चा करेंगे। कोरोना केस इसी तरह बढ़े तो जश्न पर रोक लगाई जाएगी। पंचायत चुनाव के नतीजों के बाद जश्न नहीं मनाया जा सकेगा।
तीन साल का सरकार का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसे सादे कार्यक्रम के रूप में मनाएंगे। कोविड के मामले बढ़ते हैं कार्यक्रम का आयोजन वर्चुअल भी हो सकता है। इस पर 15 दिसंबर के बाद ही कोई फैसला हो सकता है। हैदराबाद में चुनाव पर सीएम बोले कि भाजपा ने वहां बहुत कुछ प्राप्त किया है।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल में कोविड कुप्रबंधन का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कांग्रेस बार-बार सरकार से कोरोना को लेकर सख्त कदम उठाने का आग्रह कर रही थी, लेकिन भाजपाई इसे अनापशनाप बयानबाजी बता रहे थे। अब सरकार को सुप्रीम और हाईकोर्ट में जवाब देना होगा। सरकार कोरोना को लेकर लीपापोती कर रही है। कोरोना से पहले भी चीफ जस्टिस को सड़कों पर उतरकर शिमला की जनता को पानी को लेकर जायजा लेना पड़ा था। उन्होंने प्रदेश सरकार को संवेदनहीन सरकार करार देते हुए कहा कि सरकार समय रहते कोरोना को लेकर कदम नहीं उठा पाई। इसके लिए सरकार को माफी मांगनी चाहिए।
जो मामले सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने जजमेंट में उठाए हैं, यदि सत्र होता तो इन्हीं मुद्दों पर सरकार को घेरा जाना था। कांग्रेस को कोसने से कुछ नहीं मिलेगा। विपक्ष के नाते वह मुद्दे उठाते रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष के दर्जे को लेकर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार के कुछ मंत्री नेता प्रतिपक्ष के दर्जे को लेकर सीएम का अहसान बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस विधायकों और आलाकमान के आशीर्वाद से नेेता प्रतिपक्ष बने हैं। सरकार की मान्यता से कुछ नहीं होता है। सरकार अधिसूचना रद्द कर दे, इस बारे ज्यादा न सोचे। सरकार की मान्यता से विपक्ष नहीं चलता है। विपक्ष कभी आपकी स्तुतिगान नहीं करेगा। यही वजह है कि उन्होंने शिमला में सरकारी कोठी नहीं ली थी।