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कोविड अस्पताल नेरचौक के आक्सीजन सप्लाई प्लांट में खराबी, बढ़ी चिंता

Fri, 04 Dec 2020 07:27 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, नेरचौक (मंडी)
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नेरचौक कॉलेज एवं अस्पताल
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कोविड अस्पताल नेरचौक में दाखिल कोरोना संक्रमितों की जान जोखिम में है। यहां ऑक्सीजन सप्लाई प्लांट में खराबी आ गई है। आपातकाल में संक्रमितों तक पाइपों से पहुंचने वाली ऑक्सीजन का प्रेशर मेंटेन नहीं हो पा रहा है। जरूरत के समय लो प्रेशर के चलते ऑक्सीजन रोगी तक नहीं पहुंची तो उसकी जान पर बन सकती है। कोरोना काल में विकट परिस्थितियों में काम कर रहे चिकित्सकों के लिए भी यह चिंता का विषय बना हुआ है।

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पहले ही काफी चिकित्सक और स्टाफ कोरोना की चपेट में है। अब ऑक्सीजन सप्लाई प्लांट में खराबी आ गई है। कोविड वार्ड में ड्यूटी देने वाले चिकित्सकों ने अस्पताल प्रबंधन को सूचित कर दिया है। एमएस डॉ. जीवानंद चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर ऑक्सीजन सप्लाई प्लांट की तुरंत मरम्मत की गुहार लगाई है। इसके लिए टेंडर आदि के नियमों में छूट देने की मांग की है। उधर, सूचना है कि सरकार ने इस मांग को मान लिया है। बता दें कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 150 से पार हो चुका है। सौ से अधिक कोविड रोगी भर्ती हैं।

200 सिलेंडर की रोजाना खपत
कोविड से पहले मुश्किल से दो-तीन दर्जन ऑक्सीजन सिलिंडर ही लगते थे। अब रोजाना नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 200 से अधिक सिलिंडर लग रहे हैं। रोगियों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन की खपत बढ़ सकती है।

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नहीं ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्लांट

नेरचौक मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल तो बना दिया है, लेकिन यहां ऑक्सीजन प्रोडक्शन प्लांट की दरकार है। यहां 2018 में ऑक्सीजन सप्लाई प्लांट बना है। यहां सिलिंडरों से सप्लाई कर प्रेशर से वार्डों में रोगियों तक पहुंचाई जाती है। 

यह आई है खराबी
ऑक्सीजन सप्लाई प्लांट में दो मुख्य बिंदु होते हैं। एक मेन और दूसरा एनर्जी स्लॉट कहा जाता है। मेन स्लॉट प्रेशर मेंटेन करता है। इसमें खराबी आई है और पर्याप्त ऑक्सीजन रोगियों तक नहीं पहुंच रही है।
 
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