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डॉक्टर मरीज को मेडिकल केस नहीं, इंसान समझें : राष्ट्रपति

Mon, 29 Oct 2018 05:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा कांगड़ा में सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पासआउट एमबीबीएस डॉक्टरों को डिग्रियां नवाजने पहुंचे। इस दौरान राष्ट्रपति ने डॉक्टरों को सीख दी कि अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को मेडिकल केस नहीं, बल्कि एक इंसान समझें। डॉक्टरों को अपना पेशा मात्र जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि मानवता का पेशा समझना चाहिए।

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डॉक्टरों को चाहिए कि वे मरीजों से स्नेह करें, क्योंकि इलाज से पहले उनका भरोसा जीतना बेहद जरूरी है। राष्ट्रपति ने इस मौके पर राष्ट्रपति ने हिमाचल के सौंदर्य की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल के आतिथ्य सत्कार ने उन पर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने हिमाचल को देवभूमि के साथ वीरभूमि बताया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा तो वीरों की भूमि है।

प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ कांगड़ा के ही रहने वाले थे। यही नहीं, अंग्रेजी साम्राज्य से लोहा लेने वाले शहीद राम सिंह पठानिया का जन्म भी कांगड़ा की पवित्र धरती पर ही हुआ था। सूरमाओं की धरती हिमाचल प्रदेश के हर गांव के नौजवान भारतीय सेना में रह कर दुश्मनों से देश की सरहदों की सुरक्षा कर रहे हैं।  
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राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि हिमाचल को पहाड़ी क्षेत्रों के विकास का मॉडल माना जाता है। इसके लिए मुख्यमंत्री और राज्यपाल बधाई के पात्र हैं। दीक्षांत समारोह में देश की प्रथम महिला सविता कोविंद, राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सांसद शांता कुमार, स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार, खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर, शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति डा. सिकंदर कुमार, टांडा मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. भानु अवस्थी सहित कई विधायक, अफसर और नेता मौजूद रहे।

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आयुष्मान विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि आज भारत में उचित पैसों में विश्व स्तर की स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने के लिए पूरी दुनिया से मरीज आते हैं। इसे मेडिकल टूरिज्म का नाम दिया जाता है। भारत में औसत आयु सीमा करीब 69 वर्ष तक पहुंच चुकी है, जो आजादी के समय मात्र 32 वर्ष थी।  

राष्ट्रपति ने कहा कि 23 सितंबर, 2018 को देश में आयुष्मान भारत नाम की जन आरोग्य योजना की शुरुआत की गई। यह योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है, जिससे करोड़ों परिवारों पर बीमारी के कारण पड़ने वाला आर्थिक बोझ घटेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए देश में ‘हेल्थ केयर ईको सिस्टम’ में बदलाव लाया जा रहा है। इसके तहत हाल ही में इंडियन मेडिकल काउंसिल के एक्ट में अध्यादेश द्वारा संशोधन किया गया है।
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