पंजाब, जम्मू-कश्मीर व झारखंड में आंतरिक सुरक्षा में तैनाती के अतिरिक्त संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से अति विवाद ग्रस्त कोसोवो का भी संजय गौतम ने दो बार भारत का सफल प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 10 साल देश की सर्वोच्च सुरक्षा संस्था, विशेष सुरक्षा दल में भी बेहतरीन सेवाएं दी हैं।
संजय गौतम वही अधिकारी हैं, जिन्होंने जान की बाजी लगाकर देवगौड़ा पर हुए एसिड अटैक को विफल कर उन्हें सुरक्षा घेरे के बीच सुरक्षित निकाला था। उधर, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष पद पर तैनात विजयश्री गौतम ने उनके रिश्तेदार संजय गौतम का राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए चयन होने पर खुशी जताई है।
शमशेर स्कूल नाहन में पढ़ाई के दौरान संजय एनसीसी के मेधावी कैडेट रहे। गौतम ने बताया कि साल 1988 में देशसेवा की भावना से संजय ने देश के सबसे विशाल और वरिष्ठतम अर्धसैनिक बल में नियुक्ति पाई थी।