85वें संविधान संशोधन को हिमाचल में लागू करने या न करने पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी की मंगलवार को बैठक हुई।
मुख्य सचिव पी. मित्रा ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें कार्मिक सचिव एसकेबीएस नेगी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव आरडी धीमान,विधि सचिव चिरागभानू सिंह आदि शामिल हुए।
सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कमेटी की ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार हो गई है। एक और बैठक के बाद रिपोर्ट फाइनल हो जाएगी। इसे कैबिनेट में रखा जा सकता है।
चूंकि इस केस में एससी-एसटी कर्मचारियों की अवमानना याचिका सुप्रीम कोर्ट में पहले ही खारिज हो चुकी है, इसलिए अब इस रिपोर्ट पर सबकी नजर है।
माना जा रहा है कि कमेटी एससी-एसटी कर्मचारियों को सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व पर नए सिरे से सिफारिशें दे सकती है। 85वें संविधान संशोधन को हिमाचल सरकार ने लागू नहीं किया है।
इसे लागू करने से आरक्षित वर्गों के कर्मचारियों को प्रमोशन में भी वरिष्ठता मिलनी थी। सरकार के फैसले से नाराज आरक्षित कर्मचारियों की आपत्ति के बाद ही मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी।