नगर निगम और टीसीपी विभाग के पास पहुंची 16 आपत्तियां, इसी माह सुनवाई कर सरकार को जाएगी रिपोर्ट
संजौली से मालरोड, छोटा शिमला में लगेगी पाबंदी नवबहार से ऊपर का पूरा इलाका भी लगेगी रोक अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के जाखू ग्रीन हिल्स क्षेत्र में नए साल से पहले भवन निर्माण पर पूर्ण पाबंदी लगाने की तैयारी है। सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
अब इसी महीने के अंत में इन पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। सुनवाई पूरी होते ही टीसीपी विभाग इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज देगा। रिपोर्ट के आधार पर सरकार ग्रीन एरिया में भवन निर्माण पर पूर्ण पाबंदी लगाने की अधिसूचना जारी करेगी। टीसीपी विभाग के अनुसार शिमला शहर की जनता से इस प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। नगर निगम और टीसीपी विभाग के पास 16 आपत्तियां और सुझाव आए हैं। अब इसी महीने इन पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संजौली से मालरोड, छोटा शिमला, नवबहार से ऊपर के पूरे इलाके में भवन निर्माण पर प्रतिबंध लगेगा।
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टीसीपी विभाग सुनवाई के लिए 27 और 28 अक्तूबर को संबंधित लोगों को बुलाने जा रहा है। जाखू के ग्रीन एरिया में भवन निर्माण पर पाबंदी लगाने को लेकर कुछेक लोगों ने राहत मांगी है। कई लोगों ने हाल ही में ग्रीन एरिया में नए प्लॉट लिए हैं। कुछेक ऐसे हैं जिन्होंने हाल ही में नक्शे पास करवाए हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके आवेदन लंबित हैं। यह सभी राहत चाहते हैं। अब इन पर सुनवाई की जाएगी। टीसीपी विभाग के निदेशक हिमिस नेगी ने कहा कि विभाग के पास जो आपत्तियां और सुझाव आए हैं, उन पर इसी महीने सुनवाई होगी। इसके बाद सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
शहर की सबसे बड़ी ग्रीन बेल्ट बचाने की कवायद जाखू हिल्स शहर की सबसे बड़ी ग्रीन बेल्ट में शामिल है। सरकार शिमला की हरियाली और प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित रखना चाहती है। इसलिए कोर एरिया में शामिल इस ग्रीन बेल्ट में नए निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा रहा है। हालांकि सार्वजनिक उपयोग के सरकारी भवनों के निर्माण और पुरानी इमारतों के केवल ओल्ड लाइन पर पुनर्निर्माण की अनुमति दी जा सकती है। भवन मालिकों को भवन का स्वरूप और आकार बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी।
अब नहीं हो सकेगा निर्माण
विभाग के प्रस्ताव के अनुसार प्रतिबंध का दायरा पूरा जाखू ग्रीन एरिया कवर करेगा। संजौली चौक से ऊपर का क्षेत्र, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), लक्कड़ बाजार, रिज, माल रोड, रानी झांसी पार्क, इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, क्लार्क्स होटल, ओकओवर, छोटा शिमला और संजौली तक सड़क मार्ग के ऊपर का पूरा हरा क्षेत्र इसमें शामिल रहेगा। इस तरह मॉल रोड से ऊपर का पूरा जाखू की पहाड़ी का इलाका अब निर्माण के लिए बंद हो जाएगा।
अभी मिल रही थी निर्माण की मंजूरी
अभी इस क्षेत्र में आने वाले ग्रीन एरिया में एक मंजिल के साथ एक रिहायशी एटिक बनाने की मंजूरी मिलती है। वहीं कोर एरिया में दो मंजिलों के साथ एक रिहायशी एटिक के निर्माण की मंजूरी मिल रही है। शहर के इस क्षेत्र में अब खाली प्लॉट बेहद कम बचे हैं, जो बचे हैं, उनमें भी हरे पेड़ खड़े हैं। नगर निगम को कई शिकायतें मिल रही हैं कि लोग हरे पेड़ों को नुकसान पहुंचा कर प्लॉट खाली करवा रहे हैं। साल 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने शहर के कोर और ग्रीन एरिया में निर्माण पर पूर्ण पाबंदी लगा दी थी। हालांकि साल 2022 में नए डेवलपमेंट प्लान में इसे निर्माण के लिए खोला गया। अब सरकार फिर से इसे निर्माण के लिए बंद करने जा रही है। शिमला में अब कुल 26 ग्रीन बेल्ट हैं।