कांग्रेस शासित नगर निगम शहरवासियों को इस साल कई बड़ी सौगात देने जा रहा है। टैक्स का बोझ डाले बिना आम जनता को पार्किंग, पार्क और सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाएं देने के अलावा कई बड़ी घोषणाएं बजट में हो सकती हैं। खास बात यह है कि इस बार नगर निगम के बजट में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूलने जैसी घोषणा नहीं होगी।
निगम ने इस बार बजट में इसे शामिल न करने का फैसला लिया है। पिछले पांच बजट में हर साल इसकी वसूली की घोषणा होती रही है लेकिन यह मामला सरकार के स्तर पर लंबित पड़ा है। इसलिए इस बार इसे बजट में न लाने की चर्चा है। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने शुक्रवार को टाउनहॉल में अधिकारियों की बैठक ली। उपमहापौर उमा कौशल, आयुक्त भूपेंद्र अत्री समेत विभिन्न विभागों के अध्यक्ष इस बैठक में मौजूद रहे।
महापौर ने पहले सभी विभागों के अध्यक्षों से आय और व्यय का ब्योरा मांगा। अधिकारियों ने बताया कि टैक्स, किराया के तौर पर निगम ने तय टारगेट से ज्यादा रिकवरी कर ली है। मार्च तक यह रिकवरी और बढ़ जाएगी। महापौर ने संपदा शाखा से पार्किंग को लेकर रिकॉर्ड मांगा। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1.50 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाई पार्किंग से की जा चुकी है। मेयर अब 13 फरवरी को दोबारा बजट पर बैठक लेंगे।