हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द की जाएंगी। हालांकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मामले में सीबीएसई की तर्ज पर आगे बढ़ने की बात करते हुए कहा कि इस बारे में फैसला 5 जून की कैबिनेट बैठक में ही होगा।
सीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मौजूदा हालात में परीक्षाएं नहीं करवाई जा सकती। बुधवार को अपने सरकारी निवास ओक ओवर शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में सीएम ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं करवाने या न करवाने के बारे में सरकार पांच जून को होने जा रही कैबिनेट की बैठक में फैसला लेगी।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बैठक के बाद सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया है। जहां तक हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की बात है तो उसी तर्ज पर चीजें देखी जा रही हैं। राज्य सरकार इस संबंध में आगे बढ़ रही है। इस बारे में उन्होंने उच्च अधिकारियों से बुधवार को ही बात की है।
अंक तय करने के फार्मूले पर मंथन शुरू
12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षाएं रद्द करने की तैयारी के साथ ही अंक तय करने के फार्मूले पर भी मंथन शुरू हो गया है। चार जून को स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधिकारी शिमला आकर इस बाबत अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकते हैं। 12वीं कक्षा में इस वर्ष एक लाख से अधिक विद्यार्थी हैं।
चार जून से सरकारी स्कूलों में ई पीटीएम शुरू होने जा रही है। इस दौरान 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से भी परीक्षाओं को लेकर चर्चा होगी। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर भी ई पीटीएम में शामिल होंगे।
उधर, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को बुलाने का फैसला पांच जून को होने वाली कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक ने इस बाबत जिला अधिकारियों से वीडियो कांन्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा की। जरूरत के हिसाब से शिक्षकों को स्कूलों में बुलाया जाना प्रस्तावित है। कैबिनेट बैठक में 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाने को लेकर भी इस दौरान चर्चा होने की संभावना है।
यूजीसी ने सभी राज्यों को जारी पत्र में शिक्षण संस्थान खुलने के बाद भी ऑनलाइन पढ़ाई को जारी रखने को कहा है। स्कूलों में पहले ही सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई को आगामी दिनों में भी जारी रखने का फैसला लिया हुआ है। कैबिनेट बैठक में कॉलेजों की परीक्षाओं पर भी फैसला आ सकता है।