कहा कि यूपीए सरकार में मानव संसाधन मंत्री रहे कपिल सिब्बल ने 10वीं कक्षा तक बच्चों को फेल नहीं करने का गलत निर्णय लिया था। इस कारण कई दुष्परिणाम सामने आए। अध्यापकों का दायित्व खत्म होने के चलते जब बच्चे दसवीं कक्षा की परीक्षा देते थे तो फेल होने पर उन्हें झटका लगता था।
अब केंद्र सरकार ने फिर से परीक्षा प्रणाली को लागू कर अच्छा निर्णय लिया है। कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने रूसा प्रणाली को जल्दबाजी में लागू कर दिया था। प्रदेश के अधिकतर महाविद्यालयों में प्रोफेसरों की कमी, कमरों और उपकरणों समेत आधारभूत सुविधाओं की कमी है।
अगर किसी विषय का टीचर नहीं होगा तो विद्यार्थी परीक्षा क्या देगा। धूमल ने कहा कि वह सरकार से मांग करेंगे कि जब तक आधारभूत सुविधाएं पूरी नहीं हो जाती तब तक सेमेस्टर प्रणाली को लागू न किया जाए। उनके साथ जिला भाजपा अध्यक्ष अनिल ठाकुर, प्यारे लाल शर्मा और दीपक शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने नादौन में पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेताओं में से हैं। धूमल ने कहा कि कांग्रेस में यह रिवाज है कि उनकी आधारहीन टिप्पणी पर प्रतिक्रिया हो तो वह इसे बोलने वाले नेता की निजी राय करार दे देते हैं।
देश में कुछ उपचुनावों में हार के कारण कांग्रेस इसे ग्राफ गिरना बता रही है। तो क्या देश के 14 राज्यों में अपनी सरकार गवां चुकी कांग्रेस को लगता है कि उसका ग्राफ बढ़ रहा है। उन्होंने ने कहा कि मोदी सरकार ने जनहित में कई लाभकारी योजनाएं आरंभ की हैं।
जिनका देश के लोग लाभ ले रहे हैं। धूमल ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत से देशवासियों को लाभ होगा। जबकि उज्जवला योजना से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा होगी, बल्कि पर्यावरण की भी सुरक्षा होगी।